सूर्य नमस्कार स्टेप्स योग की सबसे पूर्ण और प्रभावशाली प्रक्रिया मानी जाती है। इसमें शरीर, मन और श्वास तीनों का संतुलन एक साथ बनता है। जो लोग रोज योग करना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा समय नहीं निकाल पाते, उनके लिए सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण समाधान है। सही सूर्य नमस्कार स्टेप्स अपनाने से शरीर सक्रिय होता है, मन शांत रहता है और दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ होती है।
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सूर्य नमस्कार स्टेप्स क्या हैं और इनका महत्व
सूर्य नमस्कार स्टेप्स कुल 12 आसनों का एक निश्चित क्रम है, जिसे श्वास-प्रश्वास के साथ किया जाता है। हर स्टेप शरीर के अलग-अलग अंगों पर काम करता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इन स्टेप्स को सूर्य देव को समर्पित माना गया है, इसलिए इसका अभ्यास केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक प्रकार की साधना भी है। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार स्टेप्स करने से शरीर में लचीलापन आता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सूर्य नमस्कार स्टेप्स का सही क्रम और विधि
सूर्य नमस्कार सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा माना जाता है। अभ्यास से पहले शांत जगह चुनें और सीधे खड़े होकर मन को स्थिर करें।
- पहला स्टेप प्रणामासन है, जिसमें दोनों हाथ जोड़कर सूर्य की ओर ध्यान किया जाता है।
- दूसरा स्टेप हस्त उत्तानासन होता है, इसमें हाथ ऊपर उठाकर शरीर को पीछे की ओर झुकाया जाता है।
- तीसरा स्टेप पादहस्तासन है, जिसमें आगे झुककर पैरों को छूने का प्रयास किया जाता है।
- चौथा स्टेप अश्व संचालनासन होता है, इसमें एक पैर पीछे ले जाकर छाती आगे की ओर खोलते हैं।
- पांचवां स्टेप पर्वतासन/अधोमुख श्वानसासन है, जिसमें उल्टा V आकार बनाना है।
- छठा स्टेप अष्टांग नमस्कार है, जहां घुटने, छाती और ठुड्डी भूमि को स्पर्श करती है।
- सातवां स्टेप भुजंगासन होता है, इसमें छाती ऊपर उठती है और रीढ़ लचीली होती है।
इसके बाद यही क्रम उल्टा दोहराया जाता है और अंत में फिर प्रणामासन में आकर सूर्य नमस्कार स्टेप्स पूरे होते हैं।
शुरुआत में 4 से 6 राउंड पर्याप्त होते हैं। अभ्यास बढ़ने पर 12 या उससे अधिक राउंड भी किए जा सकते हैं।
सूर्य नमस्कार करने से शरीर और मन को मिलने वाले फायदे
सूर्य नमस्कार स्टेप्स करने से पूरे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। यह वजन नियंत्रित करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर का पोस्चर सुधरता है।
मानसिक रूप से यह अभ्यास तनाव कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और मन को स्थिर बनाता है। नियमित सूर्य नमस्कार स्टेप्स करने वाले लोग खुद को अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान महसूस करते हैं।
सूर्य नमस्कार करते समय जरूरी सावधानियां
सूर्य नमस्कार करते समय हर स्टेप श्वास के साथ तालमेल में होना चाहिए। किसी भी आसन में दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाना चाहिए। कमर दर्द, घुटनों की समस्या या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही सूर्य नमस्कार स्टेप्स करें। गर्भावस्था में भी इसका अभ्यास बिना सलाह के नहीं करना चाहिए।
रोजमर्रा की दिनचर्या में सूर्य नमस्कार का स्थान
अगर रोज सिर्फ 15 से 20 मिनट सूर्य नमस्कार के लिए निकाल लिए जाएं, तो अलग से व्यायाम की जरूरत नहीं रहती। यह शरीर को अंदर से मजबूत करता है और दिनभर की थकान को दूर रखने में मदद करता है।
यही वजह है कि योग में सूर्य नमस्कार को सबसे महत्वपूर्ण अभ्यासों में गिना जाता है।
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