कभी न कभी यह सवाल लगभग हर इंसान के मन में आता है कि आखिर “मैं कौन हूँ?” या फिर हम वास्तव में कौन हैं? क्या मैं सिर्फ यह शरीर हूँ?क्या मैं अपने विचार हूँ?क्या मेरा मन ही मेरी असली पहचान है?या फिर हमारे भीतर कुछ ऐसा भी है जो इन सबको देख रहा है? जब हम कहते हैं “मेरा शरीर”, “मेरा मन”, “मेरे विचार”, तब एक गहरा प्रश्न पैदा होता है — यह “मैं” कौन है जो इन सबका अनुभव कर रहा है? योग, वेदांत और आध्यात्मिक विज्ञान हजारों वर्षों से इसी प्रश्न की खोज करते आए हैं। आधुनिक…
Author: Mahendra Kumar Vyas
Overthinking Se Kaise Bache आज के समय में Overthinking यानी जरूरत से ज्यादा सोचना बहुत आम समस्या बन चुकी है। कई लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर घंटों सोचते रहते हैं। कभी पुरानी घटनाओं को बार-बार याद करना, कभी भविष्य की चिंता करना, तो कभी किसी बात का जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करना — ये सब Overthinking के संकेत माने जाते हैं। शुरुआत में यह सिर्फ ज्यादा सोचने की आदत लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह मानसिक तनाव, anxiety, नींद की समस्या, आत्मविश्वास की कमी और emotional exhaustion का कारण बन सकती है। बहुत से लोग यह समझ ही नहीं पाते…
अनुलोम विलोम प्राणायाम योग की सबसे लोकप्रिय श्वास तकनीकों में से एक माना जाता है। यह प्राणायाम मानसिक शांति, तनाव कम करने और शरीर में ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन आजकल बहुत से लोगों के मन में एक सवाल आता है — क्या लेटकर अनुलोम-विलोम कर सकते हैं? कुछ लोग रात में सोते समय या आराम करते हुए लेटकर प्राणायाम करने की कोशिश करते हैं। वहीं कुछ लोग बीमारी, कमजोरी या थकान की वजह से बैठकर अभ्यास नहीं कर पाते। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि लेटकर अनुलोम-विलोम करना सही…
योग और अध्यात्म में ध्यान को केवल मानसिक शांति का साधन नहीं बल्कि आत्मिक जागरूकता और ऊर्जा संतुलन का मार्ग भी माना जाता है। इसी कारण आजकल “ध्यान और चक्र” विषय में लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि क्या सच में Meditation से चक्र जागृत हो सकते हैं और इसका हमारे शरीर व मन पर क्या प्रभाव पड़ता है। प्राचीन योग शास्त्रों के अनुसार हमारे शरीर में सात मुख्य ऊर्जा केंद्र होते हैं जिन्हें चक्र कहा जाता है। माना जाता है कि जब ये चक्र संतुलित रहते हैं, तब व्यक्ति मानसिक,…
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग या तो पुराने अनुभवों में उलझे रहते हैं या भविष्य की चिंता में खोए रहते हैं। इसी वजह से तनाव, ओवरथिंकिंग, एंग्जायटी और मानसिक थकान तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक ऐसी तकनीक बनकर सामने आया है जो मन को शांत करने और वर्तमान पल में जीना सिखाती है। पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया में Mindfulness Meditation की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। डॉक्टर, योग विशेषज्ञ और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसे तनाव कम करने और मानसिक संतुलन सुधारने के लिए उपयोगी मानते हैं। अगर आसान भाषा…
बहुत से लोग ध्यान शुरू तो कर देते हैं, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनका मन इधर-उधर भटकने लगता है। कभी पुराने विचार आने लगते हैं, कभी भविष्य की चिंता, तो कभी अचानक किसी काम की याद आने लगती है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि शायद वे ध्यान सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन सच यह है कि ध्यान के दौरान मन का भटकना बिल्कुल सामान्य बात है। योग और ध्यान शास्त्रों के अनुसार मन का स्वभाव ही चंचल होता है। इसलिए शुरुआत में विचारों का आना या ध्यान का टूटना कोई गलती नहीं मानी…
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, ओवरथिंकिंग और मानसिक थकान आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में सुबह का ध्यान यानी Morning Meditation एक ऐसी आदत है जो धीरे-धीरे आपके पूरे जीवन को बदल सकती है। सुबह का समय सबसे शांत और सकारात्मक माना जाता है। इस समय वातावरण में शुद्धता और मन में स्थिरता अधिक होती है। इसलिए योग और अध्यात्म में प्रातःकाल ध्यान करने को बेहद प्रभावशाली माना गया है। अगर आप रोज सिर्फ 10 से 15 मिनट भी सुबह ध्यान करते हैं, तो इससे मानसिक शांति, फोकस, सकारात्मक सोच और आत्मिक ऊर्जा बढ़ सकती है।…
जानिए कुंभक प्राणायाम के फायदे और नुकसान आजकल तनाव, चिंता और खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोग मानसिक और शारीरिक समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में योग और प्राणायाम तेजी से लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन रहे हैं। उन्हीं में से एक बेहद शक्तिशाली योग क्रिया है कुंभक प्राणायाम। कुंभक प्राणायाम को योग की सबसे महत्वपूर्ण श्वास तकनीकों में माना जाता है। इसमें सांस को कुछ समय तक रोककर शरीर और मन को नियंत्रित करने का अभ्यास किया जाता है। माना जाता है कि नियमित अभ्यास से यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, दिमाग को शांत करने और एकाग्रता…
हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में उन्हें संकटमोचन, पवनपुत्र, अंजनीसुत और बजरंगबली जैसे कई नामों से पूजा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी का जन्म कैसे हुआ था और उनके जन्म के पीछे कौन सा दिव्य रहस्य छिपा है? हनुमान जी की जन्म कथा केवल एक पौराणिक कहानी नहीं है, बल्कि यह भक्ति, तपस्या और ईश्वर की कृपा का अद्भुत उदाहरण भी मानी जाती है। आज इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे हनुमान जी के जन्म की पूरी कथा, उनके माता-पिता, बचपन के चमत्कार और उनसे…
हम साधारणतया यह मानते हैं कि खाना सिर्फ शरीर को ऊर्जा देने के लिए होता है। लेकिन योग और भारतीय दर्शन के अनुसार, भोजन का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि हमारे मन और स्वभाव पर भी पड़ता है। यही कारण है कि खाना तीन भागों में बांटा गया है — सात्विक, राजसिक और तामसिक भोजन। अगर हम इसे समझ लें, तो हम अपने जीवन में बेहतर संतुलन ला सकते हैं। सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन क्या है? भारतीय योग और आयुर्वेद के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है: सात्विक भोजन – शुद्ध और संतुलित राजसिक भोजन – उत्तेजना…