हम साधारणतया यह मानते हैं कि खाना सिर्फ शरीर को ऊर्जा देने के लिए होता है। लेकिन योग और भारतीय दर्शन के अनुसार, भोजन का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि हमारे मन और स्वभाव पर भी पड़ता है। यही कारण है कि खाना तीन भागों में बांटा गया है — सात्विक, राजसिक और तामसिक भोजन। अगर हम इसे समझ लें, तो हम अपने जीवन में बेहतर संतुलन ला सकते हैं। सात्विक, राजसिक, तामसिक भोजन क्या है? भारतीय योग और आयुर्वेद के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है: सात्विक भोजन – शुद्ध और संतुलित राजसिक भोजन – उत्तेजना…
Author: Mahendra Kumar Vyas
क्यों कभी हम शांत होते हैं और कभी बेचैन या आलसी होते हैं? कभी हम बहुत शांत और खुश रहते हैं, कभी अचानक बेचैनी या गुस्सा महसूस होता है, और कभी बिना कारण आलस और भारीपन महसूस होता है। अगर आपने यह बदलाव अपने अंदर महसूस किया है, तो इसका कारण योग और भारतीय दर्शन में बहुत स्पष्ट बताया गया है। प्रकृति के तीन गुण क्या है? भारतीय दर्शन, खासकर सांख्य और भगवद गीता के अनुसार, प्रकृति के तीन गुण होते हैं जिन्हें त्रिगुण कहा जाता है — सत्व, रजस और तमस। ये तीनों ऊर्जाएं हर व्यक्ति के अंदर काम…
क्या आपने कभी नोटिस किया है कि हम सांस छोड़ते ज्यादा हैं और लेते कम हैं? जब हम अनुलोम विलोम प्राणायाम करते हैं, तो एक बात अक्सर ध्यान में आती है — हम सांस अंदर कम समय के लिए लेते हैं और बाहर ज्यादा समय तक छोड़ते हैं। कई लोग इसे बस एक तरीका मानकर करते हैं, लेकिन इसके पीछे एक गहरा कारण है। अगर आप इसे समझ लेते हैं, तो आपका अभ्यास और भी प्रभावी हो सकता है। अनुलोम-विलोम में सांस का सही संतुलन क्या है? सामान्य रूप से अनुलोम विलोम में एक simple ratio रखा जाता है: सांस…
आजकल लगभग हर कोई योग और प्राणायाम की बात करता है, और उनमें सबसे आसान और लोकप्रिय है — अनुलोम विलोम। लेकिन अक्सर लोग इसे बस नाक बदलकर सांस लेने की एक साधारण क्रिया समझ लेते हैं। असल में यह उससे कहीं ज्यादा गहरी प्रक्रिया है। यह केवल सांस लेने का अभ्यास नहीं है, बल्कि शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने, मन को शांत करने और अंदर की नाड़ियों को शुद्ध करने की एक महत्वपूर्ण विधि है। अगर इसे सही तरीके से और नियमित रूप से किया जाए, तो इसके परिणाम धीरे-धीरे जीवन में स्पष्ट दिखने लगते हैं। अनुलोम विलोम…
क्या यह मंत्र सिर्फ शांति के लिए है या इसके पीछे कोई बड़ा ज्ञान छिपा है? हमने कई बार सुना है: ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते… लेकिन अक्सर हम इसे सिर्फ एक शांति मंत्र मानकर बोल देते हैं, बिना इसका असली अर्थ समझे। असल में यह मंत्र बहुत गहरा है और हमें जीवन, ब्रह्मांड और आत्मा के बारे में एक अद्भुत समझ देता है। ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं lyrics पूरा मंत्र इस प्रकार है: ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं का अर्थ क्या है? अब इसे बहुत आसान भाषा में समझते हैं। पूर्णमदः =…
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे अंदर सोचता कौन है? हम रोज़ सोचते हैं, निर्णय लेते हैं, याद करते हैं और “मैं” महसूस करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि यह सब होता कैसे है? योग के अनुसार, हमारे अंदर एक खास सिस्टम काम करता है, जिसे कहा जाता है – अन्तःकरण। इसे समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही हमारे पूरे जीवन को चलाता है। अन्तःकरण क्या होता है? सरल शब्दों में समझें तो अन्तःकरण मतलब है हमारा अंदर का मानसिक तंत्र। यही हमें सोचने, समझने, याद रखने और निर्णय लेने में मदद करता है। एक आसान उदाहरण…
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन की शांति सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। ऐसे समय में शांति पाठ का जप मन को स्थिर और शांत करने का एक सरल और प्रभावी तरीका माना जाता है। शांति पाठ वेदों में वर्णित ऐसे मंत्र हैं, जिनका उच्चारण करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और मन में शांति का अनुभव होता है। घर में पूजा के अंत में या किसी शुभ कार्य की शुरुआत में शांति पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। शांति पाठ इन हिंदी (मंत्र) ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:। वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा:…
हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है। उनकी कृपा पाने के लिए कई स्तोत्र और मंत्र बताए गए हैं, जिनमें कनकधारा स्त्रोत सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली माना जाता है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलने की मान्यता है। इस स्तोत्र को महान संत आदि शंकराचार्य ने रचा था। मान्यता है कि जब उन्होंने एक गरीब ब्राह्मण महिला की स्थिति देखकर माता लक्ष्मी से प्रार्थना की, तब उनकी कृपा से उस घर में स्वर्ण की वर्षा हुई। तभी से इस स्तोत्र को…
हिंदू धर्म में शीतला माता को स्वास्थ्य और रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि माता शीतला अपने भक्तों को रोगों से बचाती हैं और परिवार में सुख-शांति बनाए रखती हैं। भारत के कई राज्यों में शीतला माता की पूजा विशेष रूप से की जाती है। शीतला माता की पूजा के सबसे महत्वपूर्ण दिन शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी माने जाते हैं। इन दिनों श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से माता की पूजा करते हैं और उनसे परिवार की सुरक्षा और स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं। शीतला माता कौन हैं शीतला माता को माता दुर्गा का ही…
हिंदू धर्म में तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। इनमें भी चार धाम यात्रा को सबसे पवित्र यात्राओं में से एक माना गया है। माना जाता है कि जीवन में एक बार चार धाम की यात्रा करने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि चार धाम के नाम क्या हैं और ये कहां स्थित हैं। इस लेख में हम चार धाम लिस्ट, उनका धार्मिक महत्व और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में समझेंगे। चार धाम के नाम हिंदू धर्म में बताए…