भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही की जाती है। हमारे घर में भी जब कोई नया काम शुरू होता है तो सबसे पहले गणेश जी का स्मरण किया जाता है। आज मैं यहां स्तुति गणेश श्लोक मंत्र का संपूर्ण पाठ, उसका सरल अर्थ और जाप करने की विधि साझा कर रहा हूं।
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स्तुति गणेश श्लोक मंत्र का संपूर्ण पाठ
।। श्री गणेश स्तुति मंत्र ।।
स्तुति गणेश श्लोक मंत्र का सरल अर्थ
इस मंत्र में भगवान गणेश को विघ्नों का नाश करने वाला, वर देने वाला और भक्तों का कष्ट दूर करने वाला बताया गया है। उन्हें ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र के स्वरूप में प्रणाम किया गया है।
यह स्तुति हमें सिखाती है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। गणेश जी अपने भक्तों को बुद्धि, सफलता और मनचाहा फल प्रदान करते हैं।
स्तुति गणेश श्लोक मंत्र के लाभ
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जीवन के विघ्न और बाधाएं कम होती हैं
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पढ़ाई और ज्ञान में वृद्धि होती है
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मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है
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नए कार्यों में सफलता मिलती है
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आत्मविश्वास बढ़ता है
नियमित जाप से मन स्थिर होता है और भय कम होता है।
कब करना चाहिए यह मंत्र जाप?
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किसी नए काम की शुरुआत से पहले
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परीक्षा या इंटरव्यू से पहले
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विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों में
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जब मन अशांत हो या कार्यों में रुकावट आ रही हो
