पितृ दोष के लक्षण और निवारण के सरल उपाय

जिनकी भी कुंडली में पितृदोष होता है उन्हें कई कष्ट होते है और उनको कई तरह के मानसिक तनाव झेलने पड़ते हैं। इसलिए यह नितांत ही आवश्यक हो जाता है कि पितृदोष के लक्षण को पहचाना जाए और निवारण के उपाय कर इस दोष को शांत किया जाए। आइए जानते हैं कि पितृ दोष क्‍या है, और क्या है उसके कारण, लक्षण और पितृ दोष निवारण के सरल उपाय।

क्या होता है पितृ दोष

जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार विधि-विधान से नहीं किया जाता या फिर किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु हो जाती है तो ऐसे में उस व्यक्ति के परिवार को और तक की उसकी कई पीढ़ियों तक को पितृ दोष का सामना करना पड़ता है।

पितृदोष के लक्षण

जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उन लोगों के विवाह में अड़चन आती हैं, दुर्घटना होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, नौकरी या कारोबार में हानि झेलनी पड़ सकती है, परिवार में अशांति बनी रहती है, किसी ना किसी घर के सदस्य का स्वास्थ्य खराब रहता है.जीवन में होने वाले मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं और साथ ही साथ वंश आगे बढ़ाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

पितृ दोष निवारण के सरल उपाय

  • मृत व्यक्ति की मृत्यु की तिथि पर जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को भोजन कराकर उन्हें क्षमता के अनुसार दक्षिणा देनी चाहिए।
  • शाम के समय पीपल के वृक्ष पर दीप जलाएं और नाग स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र या रुद्र सूक्त या पितृ स्तोत्र व नवग्रह स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  • सोमवार की सुबह स्नान करके शिवजी के मंदिर में जाकर वहां आक के 21 फूल, दही, बिल्वपत्र के साथ शिवजी की पूजा करने पितृ दोष में लाभ होगा।
  • प्रतिदिन सुबह और शाम घर में घी में डुबोकर कपूर जलाने से पितृदोष का शमन होता है।
  • जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य देने से भी पितृदोष का शमन होता है।
  • विष्णु भगवान के मंत्र का जाप और श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करने से पित्तरों को शांति मिलती है और दोष में कमी आती है।
  • रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष में कमी आती है।
  • प्रतिदिन इष्ट देवता व कुल देवता की पूजा करने से भी पितृदोष का शमन होता है।
  • अपनी सामर्थ्यानुसार गरीबों को वस्त्र और अन्न आदि दान करने से पितृ दोष मिटता है।
  • पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जल, पुष्प, अक्षत, दूध, गंगाजल, काले तिल चढाने से और अपने पूर्वजों का स्मरण कर उनसे आशीर्वाद मांगने से पितृ दोष में लाभ मिलता है।

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