सनातन धरम और पुराणों के अनुसार भगवान शिव बड़े दयालु और भोले हैं, निष्काम भावना से एक लोटा जल चढ़ाने से भी प्रसन्न हो जाते है। आइये यहाँ हम जानते है भगवन शिव को प्रसन्न करने का एक सरल मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र”, इस मंत्र के फायदे व अर्थ।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे व अर्थ

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र शिव महापुराण में वर्णित मंत्र है। भगवान शिव की आराधना करने का यह एक सरल मंत्र है। ॐ नमः शिवाय के समान यह दूसरा मंत्र जिसका प्रभाव बहुत अधिक है। इस मंत्र की पूरी पूजा विधि और प्रक्रिया शिव पुराण में वर्णित है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए एक महामंत्र या बीज मंत्र दिया गया है जिसे श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र भी कहा जाता है।

इस मंत्र का जाप हमेशा स्नान के बाद, भगवान के सामने बैठकर शुद्ध मन से करना चाहिए। मंत्र के जाप के दौरान आप ऊन या कुशा का आसान उपयोग कर सकते हैं।

अगर आप भगवान शिव को जल अर्पित करते हुए इस मंत्र का जाप करें तो यह और भी फलदायी होता है। श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप आप किसी भी समय कर सकते हैं, लेकिन ब्रह्ममुहूर्त और प्रदोषकाल के समय इसका जाप करना सबसे उत्तम समय माना जाता है। यह भी माना जाता है सोमवार और प्रदोष के दिन भगवान शिव को जल अर्पित करते हुए रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र के जाप से एक लाख आठ हजार बार महातमृत्युंजय मंत्र के जाप का फल मिलता है।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का हिंदी अर्थ है “हे शिव मैं आपको नमस्कार करता हूँ”। शिवाय का अर्थ देवो के देव महादेव शिव है तथा नमस्तुभ्यं का अर्थ नमस्कार या प्रणाम से है।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे

  • इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और बहुत सी अनेकों बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।
  • इस मंत्र के जाप से हार्ट-अटैक और कैंसर जैसी भयानक बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति तक इमरजेंसी में चिकित्सक के पहुचने तक यदि उसके समीप यह जाप किया जाए तो इस जाप से बेहद ही लाभ मिलता है।
  • पौराणिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से लकवे और बुखार के मरीज़ को भी फायदा पहुँचता है। यदि लकवे के मरीज को शिव जी पर चढ़ा हुआ सरसों का वह तेल लगाया जाए जिस के साथ काली मिर्ची, लोंग, कमलगट्टे, बेलपत्र, शनि पत्र का भी उपयोग किया गया हो तो इस तेल की मालिश से लकवे का इलाज सम्भव होता है।
  • इस मंत्र को हजार महामृत्युंजय मंत्र के बराबर माना गया है। इस मंत्र का जाप करने से सुख, समृद्धि, धन लाभ, शांति की प्रप्ति भी होती है।
  • यदि आप मानसिक रूप से परेशान रहते हैं या आपके मन में बुरे विचार आते हैं। या रात को बुरे सपने आते हों तो इस श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के जाप से ये सारी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। मानसिक शान्ति प्राप्त करने के लिए यह मंत्र बहुत ज्यादा असरदार है। ऐंसा स्वयं शिवपुराण में भी बताया गया है।
  • इस मंत्र का एक विशेष चमत्कार या फायदा यह भी है कि इसके जाप करने से घर में आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। घर परिवार में समृद्धि बनी रहती है।
  • जो भी भक्त इस मंत्र का सच्चे हृदय से भक्ति भाव के साथ जाप करता है। भोले नाथ उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। यह मंत्र अपने आप में एक चमत्कारिक मंत्र है। बस ध्यान इस बात का रखना चाहिए कि जो मंत्र जितना चमत्कारिक है उसके लिए उतनी ही पवित्रता व सच्ची दृढ भक्ति होनी चाहिए।

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