श्री श्याम स्तुति भक्तों के हृदय से निकली वह प्रार्थना है जो सीधे बाबा श्याम तक पहुँचती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई यह स्तुति मन को शांति देती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

राजस्थान के खाटू धाम में विराजमान बाबा श्याम को कलियुग का देवता माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी सच्चे मन से श्याम का स्मरण करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इसी भाव से भक्तगण श्याम स्तुति का पाठ करते हैं। पढ़ें श्री श्याम स्तुति लिरिक्स और महत्व।

॥ श्री श्याम स्तुति ॥

हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय,
दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज,
धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान,
अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण ।

श्याम श्याम तो मैं रटूं श्याम है जीवन प्राण,
श्याम भक्त जग में बड़े उनको करूँ प्रणाम,
खाटू नगर के बीच में बण्यों आपको धाम,
फाल्गुन शुक्ला मेला भरे जय जय बाबा श्याम ।

फाल्गुन शुक्ला द्वादशी उत्सव भारी होए,
बाबा के दरबार से खाली जाये न कोय,
उमा पति लक्ष्मी पति सीता पति श्री राम,
लज्जा सब की रखियो खाटू के बाबा श्याम ।

पान सुपारी इलायची इत्तर सुगंध भरपूर,
सब भक्तों की विनती दर्शन देवो हुजूर,
आलू सिंह तो प्रेम से धरे श्याम को ध्यान,
श्याम भक्त पावे सदा श्याम कृपा से मान ।

हाथ जोड़ विनती करूँ सुणियों चित्त लगाय,
दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज,
धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान,
अनुपम छवि श्री श्याम की दर्शन से कल्याण ।

जय श्री श्याम बोलो जय श्री श्याम
खाटू वाले बाबा जय श्री श्याम
लीलो घोड़ो लाल लगाम
जिस पर बैठ्यो बाबो श्याम

॥ ॐ श्री श्याम देवाय नमः ॥

श्याम स्तुति वंदना pdf

श्याम स्तुति वंदना pdf

श्याम स्तुति का महत्व

श्याम स्तुति का पाठ करने से भक्तों को आंतरिक शांति, विश्वास और साहस प्राप्त होता है। मान्यता है कि बाबा श्याम अपने भक्तों की हर कठिनाई को दूर करते हैं और उनकी लाज रखते हैं।

खासकर फाल्गुन मास में जब खाटू में विशाल मेला लगता है, तब लाखों श्रद्धालु श्याम स्तुति गाते हुए बाबा के दर्शन करने आते हैं।

श्याम स्तुति कैसे करें

  1. सुबह या शाम शांत स्थान पर बैठें।

  2. बाबा श्याम की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक या धूप जलाएं।

  3. श्रद्धा और प्रेम से श्याम स्तुति का पाठ करें।

  4. अंत में बाबा श्याम का स्मरण कर अपनी मनोकामना कहें।

नियमित रूप से श्याम स्तुति का पाठ करने से मन में भक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस होने लगते हैं।

यह भी पढ़ें –

सरस्वती स्तुति मंत्र – ज्ञान, बुद्धि और वाणी की कृपा पाने का सम्पूर्ण पाठ

विष्णु मंत्र स्तुति – जीवन में शांति, संरक्षण और संतुलन का दिव्य मार्ग

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें