Author: Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, born to Late Shri G. L. Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Worked with Mars Group and Aditya Birla Group, became a part of Yoga Niketan, Mumbai in 2002, and since then practicing Yoga.

हिंदू धर्म में तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। इनमें भी चार धाम यात्रा को सबसे पवित्र यात्राओं में से एक माना गया है। माना जाता है कि जीवन में एक बार चार धाम की यात्रा करने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि चार धाम के नाम क्या हैं और ये कहां स्थित हैं। इस लेख में हम चार धाम लिस्ट, उनका धार्मिक महत्व और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में समझेंगे। चार धाम के नाम हिंदू धर्म में बताए…

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भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, जिसे 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर अपनी प्राचीनता, आध्यात्मिक वातावरण और शिवभक्तों की गहरी आस्था के कारण बहुत प्रसिद्ध है। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग कहां है अगर आप सोच रहे हैं कि घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग कहां है, तो आपको बता दें कि यह महाराष्ट्र राज्य में स्थित है। यह मंदिर औरंगाबाद जिले के पास वेरुल गांव में स्थित…

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श्री श्याम स्तुति भक्तों के हृदय से निकली वह प्रार्थना है जो सीधे बाबा श्याम तक पहुँचती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई यह स्तुति मन को शांति देती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। राजस्थान के खाटू धाम में विराजमान बाबा श्याम को कलियुग का देवता माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी सच्चे मन से श्याम का स्मरण करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। इसी भाव से भक्तगण श्याम स्तुति का पाठ करते हैं। पढ़ें श्री श्याम स्तुति लिरिक्स और महत्व। ॥ श्री श्याम स्तुति ॥ हाथ जोड़…

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माँ दुर्गा स्तुति मंत्र केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी आध्यात्मिक शक्ति हैं जो मन को स्थिर, हृदय को शांत और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती हैं। जब भी मन में भय, तनाव या असुरक्षा का भाव आता है, तब माँ दुर्गा का स्मरण अद्भुत साहस देता है। इस लेख में मैं माँ दुर्गा स्तुति मंत्र के कुछ प्रसिद्ध मंत्र, उनका अर्थ और जप करने की सरल विधि साझा कर रहा/रही हूँ, जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में आसानी से शामिल कर सकते हैं। माँ दुर्गा स्तुति मंत्र: प्रमुख और शक्तिशाली मंत्र 1. सर्वमंगल मांगल्ये मंत्र सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये…

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सनातन परंपरा में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में पूजा जाता है। जब भी जीवन में अस्थिरता, भय या बाधाएँ आती हैं, तब विष्णु मंत्र स्तुति का पाठ मन को स्थिरता, विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति देता है। घर में प्रातःकाल या संध्या के समय इस स्तुति का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह स्तुति केवल प्रार्थना नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण और ईश्वर से जुड़ने का मार्ग है। विष्णु मंत्र स्तुति शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये।। हम भगवान श्री विष्णु का ध्यान करते हैं जो सफ़ेद वस्त्र धारण किये गए हैं, जो सर्वव्यापी हैं, जो…

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जब भी पढ़ाई में मन न लगे, बुद्धि भ्रमित हो जाए या जीवन में स्पष्टता की कमी महसूस हो, तब सरस्वती स्तुति मंत्र का जप मन को स्थिर और बुद्धि को तेज बनाता है। माँ सरस्वती को ज्ञान, कला, संगीत और वाणी की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। यहाँ मैं अपने घर में किए जाने वाले नियमित पाठ के अनुसार सम्पूर्ण और क्रमबद्ध सरस्वती स्तुति मंत्र साझा कर रहा हूँ, जिसे आप भी नित्य जप में शामिल कर सकते हैं। सम्पूर्ण सरस्वती स्तुति मंत्र (क्रमबद्ध पाठ) १)या कुन्देन्दु तुषारहार धवलाया शुभ्रवस्त्रावृता ।या वीणावरदण्डमण्डितकराया श्वेतपद्मासना ॥या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिःदेवैः सदा वन्दिता ।सा…

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भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही की जाती है। हमारे घर में भी जब कोई नया काम शुरू होता है तो सबसे पहले गणेश जी का स्मरण किया जाता है। आज मैं यहां स्तुति गणेश श्लोक मंत्र का संपूर्ण पाठ, उसका सरल अर्थ और जाप करने की विधि साझा कर रहा हूं। स्तुति गणेश श्लोक मंत्र का संपूर्ण पाठ ।। श्री गणेश स्तुति मंत्र ।। विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय, लम्बोदराय सकलाय जगद्धिताय। नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय, गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।। भक्तार्तिनाशनपराय गनेशाश्वराय, सर्वेश्वराय शुभदाय सुरेश्वराय। विद्याधराय विकटाय च वामनाय, भक्त…

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आजकल हर जगह योग की बात होती है। कोई वजन घटाने के लिए करता है, कोई तनाव कम करने के लिए, तो कोई आत्मिक शांति के लिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योग के फायदे और नुकसान दोनों क्या हैं? इस लेख में मैं अपने अनुभव और जानकारी के आधार पर सरल भाषा में पूरी बात बता रहा हूं। योग क्या है और क्यों इतना लोकप्रिय है? योग सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक प्राचीन पद्धति है। इसमें योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल होते हैं। आज की भागदौड़ भरी…

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हिंदू धर्म में जीवन को केवल जन्म और मृत्यु के बीच की यात्रा नहीं माना गया है, बल्कि इसे संस्कारों के माध्यम से शुद्ध और संतुलित बनाने की परंपरा रही है। जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के जीवन में जो महत्वपूर्ण पड़ाव आते हैं, उन्हें 16 संस्कारों के माध्यम से पवित्र किया जाता है। यही संस्कार व्यक्ति के चरित्र, सोच और जीवन मूल्यों को आकार देते हैं। संस्कार क्या होते हैं और क्यों जरूरी हैं संस्कार का अर्थ होता है शुद्ध करना, सुधारना और सही दिशा देना। जीवन के अलग-अलग चरणों में किए गए ये संस्कार व्यक्ति को शारीरिक,…

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हिंदू संस्कारों में अन्नप्राशन संस्कार का विशेष महत्व है। यह वह शुभ अवसर होता है जब शिशु पहली बार मां के दूध के अलावा अन्न ग्रहण करता है। सही अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त में किया गया यह संस्कार बच्चे के स्वास्थ्य, संस्कार और दीर्घायु से जुड़ा माना जाता है। परिवार के लिए यह एक भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन होता है। अन्नप्राशन संस्कार का अर्थ और महत्व अन्नप्राशन संस्कार को अन्नप्रासन या चूड़ाकर्म के बाद किया जाने वाला प्रमुख संस्कार माना जाता है। आमतौर पर यह संस्कार बच्चे के छठे महीने में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस…

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