आजकल हर जगह योग की बात होती है। कोई वजन घटाने के लिए करता है, कोई तनाव कम करने के लिए, तो कोई आत्मिक शांति के लिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योग के फायदे और नुकसान दोनों क्या हैं? इस लेख में मैं अपने अनुभव और जानकारी के आधार पर सरल भाषा में पूरी बात बता रहा हूं। योग क्या है और क्यों इतना लोकप्रिय है? योग सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक प्राचीन पद्धति है। इसमें योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल होते हैं। आज की भागदौड़ भरी…
Author: Mahendra Kumar Vyas
हिंदू धर्म में जीवन को केवल जन्म और मृत्यु के बीच की यात्रा नहीं माना गया है, बल्कि इसे संस्कारों के माध्यम से शुद्ध और संतुलित बनाने की परंपरा रही है। जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के जीवन में जो महत्वपूर्ण पड़ाव आते हैं, उन्हें 16 संस्कारों के माध्यम से पवित्र किया जाता है। यही संस्कार व्यक्ति के चरित्र, सोच और जीवन मूल्यों को आकार देते हैं। संस्कार क्या होते हैं और क्यों जरूरी हैं संस्कार का अर्थ होता है शुद्ध करना, सुधारना और सही दिशा देना। जीवन के अलग-अलग चरणों में किए गए ये संस्कार व्यक्ति को शारीरिक,…
हिंदू संस्कारों में अन्नप्राशन संस्कार का विशेष महत्व है। यह वह शुभ अवसर होता है जब शिशु पहली बार मां के दूध के अलावा अन्न ग्रहण करता है। सही अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त में किया गया यह संस्कार बच्चे के स्वास्थ्य, संस्कार और दीर्घायु से जुड़ा माना जाता है। परिवार के लिए यह एक भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन होता है। अन्नप्राशन संस्कार का अर्थ और महत्व अन्नप्राशन संस्कार को अन्नप्रासन या चूड़ाकर्म के बाद किया जाने वाला प्रमुख संस्कार माना जाता है। आमतौर पर यह संस्कार बच्चे के छठे महीने में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस…
मंगलम भगवान विष्णु मंत्र हिंदू धर्म में अत्यंत प्रसिद्ध और शुभ माना जाने वाला मंत्र है। यह मंत्र भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए बोला जाता है और किसी भी शुभ कार्य, पूजा या धार्मिक अनुष्ठान के अंत में इसका पाठ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मंगलम भगवान विष्णु मंत्र का पूरा पाठ मंगलं भगवान् विष्णुःमंगलं गरुड़ध्वजः।मंगलं पुण्डरीकाक्षःमंगलाय तनो हरिः॥ यह मंत्र बहुत ही सरल है, लेकिन इसका प्रभाव गहरा और स्थायी माना जाता है। इसे श्रद्धा और…
Dashrath Krit Shani Stotra एक अत्यंत प्रभावशाली और प्रसिद्ध स्तोत्र है, जिसकी रचना अयोध्या नरेश राजा दशरथ ने स्वयं भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए की थी। यह स्तोत्र शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि दशरथकृत शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करने से शनि देव की कठोर दृष्टि शांत होती है और जीवन में स्थिरता आने लगती है। Dashrath Krit Shani Stotra की पृष्ठभूमि और कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब शनि देव की दृष्टि से लोकों में भारी कष्ट होने लगे,…
सूर्य नमस्कार स्टेप्स योग की सबसे पूर्ण और प्रभावशाली प्रक्रिया मानी जाती है। इसमें शरीर, मन और श्वास तीनों का संतुलन एक साथ बनता है। जो लोग रोज योग करना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा समय नहीं निकाल पाते, उनके लिए सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण समाधान है। सही सूर्य नमस्कार स्टेप्स अपनाने से शरीर सक्रिय होता है, मन शांत रहता है और दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ होती है। सूर्य नमस्कार स्टेप्स क्या हैं और इनका महत्व सूर्य नमस्कार स्टेप्स कुल 12 आसनों का एक निश्चित क्रम है, जिसे श्वास-प्रश्वास के साथ किया जाता है। हर स्टेप शरीर के अलग-अलग…
शिव पुराण कथा हिंदू धर्म के प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव की महिमा, उनकी लीलाएं और सृष्टि से जुड़े गहरे रहस्य बताए गए हैं। यह कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक मार्गदर्शक भी मानी जाती है। शिव भक्तों के लिए शिव पुराण कथा का श्रवण बहुत ही पुण्यदायक माना गया है। शिव पुराण कथा क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है शिव पुराण कथा भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र ग्रंथ पर आधारित है। इसमें शिव के स्वरूप, उनके अवतार, विवाह, संहार और करुणा से जुड़ी अनेक कथाएं विस्तार…
कपालभाति प्राणायाम क्या है कपालभाति प्राणायाम योग की एक महत्वपूर्ण श्वास क्रिया है, जिसमें तेजी से श्वास छोड़ने और स्वाभाविक रूप से श्वास लेने का अभ्यास किया जाता है। “कपाल” का अर्थ मस्तिष्क और “भाति” का अर्थ प्रकाश या तेज होता है। यानी यह प्राणायाम मस्तिष्क को तेज और शरीर को शुद्ध करने में मदद करता है। आज के समय में बहुत से लोग स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान रहते हैं, ऐसे में कपालभाति प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना बेहद लाभकारी माना जाता है। इस पोस्ट में आप जानिए कपलभांति प्राणायाम के फायदे। कपालभाति प्राणायाम के फायदे कपालभाति प्राणायाम के…
शंकराचार्य कौन थे शंकराचार्य, जिन्हें आदि शंकराचार्य भी कहा जाता है, भारतीय दर्शन के महान संत और दार्शनिक थे। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही वेद, उपनिषद और भगवद गीता का गहन अध्ययन कर लिया था। शंकराचार्य का जन्म केरल के कालड़ी नामक स्थान पर हुआ माना जाता है।उनका जीवन उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं था, बल्कि समाज में फैले भ्रम और अज्ञान को दूर करना भी था। शंकराचार्य ने अपने विचारों और लेखन से सनातन धर्म को एक मजबूत आधार दिया। शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत दर्शन शंकराचार्य का सबसे बड़ा योगदान अद्वैत वेदांत का प्रचार है। अद्वैत का…
श्री यंत्र क्या है और इसका महत्व श्री यंत्र को सनातन परंपरा में सबसे शक्तिशाली यंत्रों में गिना जाता है। इसे देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जहां श्री यंत्र की सही तरीके से स्थापना होती है, वहां धन, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। श्री यंत्र की बनावट बहुत विशेष होती है। इसमें कई त्रिकोण, वृत्त और कमल दल होते हैं, जो ब्रह्मांड की ऊर्जा को दर्शाते हैं। यही कारण है कि इसे ध्यान और साधना के लिए भी बेहद उपयोगी माना गया है। श्री यंत्र के फायदे जो जीवन को…