कंधरासन योग – फायदे और सावधानियां बैकवर्ड बेंड योग मुद्राओं में से एक, कंधरासन को कंधे मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है। संस्कृत में, ‘कंध’ शब्द का अर्थ कंधे होता है, और ‘आसन’ का अर्थ मुद्रा या आसन होता है, और इसीलिए इसका नाम कंधरासन है। इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर का भार कंधों, बांहों, गर्दन, पैरों और यहां तक कि सिर पर भी टिका होता है। कंधरासन महिलाओं के लिए एक उत्कृष्ट आसन है। यह महिलाओं के प्रजनन अंगों को परिपुष्ट बनाता है, उन्हें मासिक धर्म की समस्याओं से राहत देता है, और उन महिलाओं…
Author: Mahendra Kumar Vyas
रामरक्षा स्तोत्र से लिए गए हनुमानजी के प्रति शरणागत होने के इस श्लोक का जप करने से हनुमान जी तुरंत ही साधक पर प्रसन्न होते हैं और उसकी याचना सुन लेते हैं और वे उसको अपनी शरण में ले लेते हैं। हनुमान मंत्र मनोजवं मारुततुल्यवेगं मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥ अर्थ – जिनका मन के समान गति और वायु के समान वेग है, जो परम जितेन्द्रिय और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं, उन पवनपुत्र वानरों में प्रमुख श्रीरामदूत की मैं शरण लेता हूं। कलियुग में हनुमानजी की भक्ति से बढ़कर किसी अन्य की भक्ति में शक्ति…
गुरु ने मंगाई चेला वही चीज लाना रे लिरिक्स चेला वही चीज लाना रे गुरु ने मंगाई। पहली भिक्षा आटा लाना, गांव नगर के पास ने जाना, एजी चलती चक्की चख के आना, जोली तो भर के लाना मेरे चेला रे, गुरु ने मंगाई। चेला वही चीज लाना रे.. अरे दूजी भिक्षा जल की लाना, कुआ बावड़ी के पास ने जाना, ऐ खारा मीठा देख के लाना, ऐ तुम्बी तो भर कर लाना मेरे चेला रे, गुरु ने मंगाई। चेला वही चीज लाना रे.. तीजी भिक्षा मांस की लाना, जीव जंतु को नहीं सताना, ऐ जिन्दा मुर्दा देख के लाना,…
ब्रह्म संहिता इन हिंदी ब्रह्म संहिता एक संस्कृत पंचरात्र पाठ है, जो सृष्टि की शुरुआत में भगवान कृष्ण की महिमा करते हुए ब्रह्मा द्वारा बोली जाने वाली प्रार्थना के छंदों से बना है । वैदिक परम्परा के अनुसार, ब्रह्म-संहिता के ये श्लोक श्री ब्रह्मा ने सृष्टिरचना प्रारम्भ करने से पहले गाये थे। ब्रह्म संहिता श्लोक संस्कृत ईश्वरः परमः कृष्णः सच्चिदानंदविग्रहः । अनादिरादिर्गोविंदः सर्वकारणकारणम् ॥ 1 ॥ सहस्रपत्रकमलं गोकुलाख्यं महत्पदम् । तत्कर्णिकारं तद्धाम तदनंताशसंभवम् ॥ 2 ॥ कर्णिकारं महद्यंत्रं षट्कोणं वज्रकीलकम् षडंग षट्पदीस्थानं प्रकृत्या पुरुषेण च । प्रेमानंदमहानंदरसेनावस्थितं हि यत् ज्योतीरूपेण मनुना कामबीजेन संगतम् ॥ 3 ॥ तत्किंजल्कं तदंशानां तत्पत्राणि श्रियामपि…
बनोगे राधा तो यह जानोगे एक लोकप्रिय कृष्ण भजन है जिसे भक्त बड़े प्रेम और श्रद्धा से गाते हैं। इस भजन में राधा-कृष्ण के मधुर प्रेम और समर्पण की झलक मिलती है। यहाँ पर हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं Banoge Radha To Ye Janoge Ki Kaisa Pyar Hai Mera Lyrics in Hindi & English साथ ही सुनने के लिए YouTube वीडियो का लिंक भी दिया गया है। बनोगे राधा तो यह जानोगे लिरिक्स हिंदी में (Banoge Radha To Ye Janoge Lyrics in Hindi) ओ साँवरे ओ साँवरे, ओ साँवरे ओ साँवरे, बनोगे राधा तो यह जानोगे, कि कैसा…
आज हम आपके लिए मातारानी का राजस्थानी भजन लेकर आये है | यह भजन माता भवानी और उनके चौसठ योगिनी स्वरूपों की स्तुति करता है। भजन के लिरिक्स हिंदी और अंग्रेजी में नीचे दिए गये है आप वहां से भजन को पढ़ सकते है | चौसठ जोगणी रे भवानी देवलिये रमजाये भजन लिरिक्स हिंदी देवलिये रमजाये भवानी, मंदरिये रमजाये। चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाये। हंस सवारी कर मारी माता, ब्रह्मा रूप बणायो। ब्रह्मा रो रूप बणायो मारी मैया। ब्रह्मा रूप बणायो। चार वेद मुख चार बिराजे। चारो रो जस गायो। चौसठ जोगणी रे, भवानी देवलिये रमजाये। घूमर गालणी रे,…
जगत के रंग क्या देखूं भजन लिरिक्स (Jagat Ke Rang Kya Dekhu Tera Deedar Kafi Hai Lyric In Hindi) जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है, क्यों भटकूँ गैरों के दर पे, तेरा दरबार काफी है । नहीं चाहिए ये दुनियां के, निराले रंग ढंग मुझको, निराले रंग ढंग मुझको, चली जाऊँ मैं वृंदावन, चली जाऊँ मैं वृंदावन, तेरा दरबार काफी है, जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है । जगत के साज बाजों से, हुए हैं कान अब बहरे, हुए हैं कान अब बहरे, कहाँ जाके सुनू बंशी, कहाँ जाके सुनू बंशी, मधुर वो तान…
Parvati Vallabha Ashtakam (पार्वती वल्लभ अष्टकम) एक दिव्य स्तोत्र है जिसे आदिशंकराचार्य जी ने रचा था। यह स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें नीलकंठ और पार्वती वल्लभ कहा जाता है। इस अष्टकम का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इस पोस्ट में आप जानिये Parvati Vallabha Ashtakam Benefits हिंदी में। Parvati Vallabha Ashtakam Lyrics in Hindi (पार्वती वल्लभ अष्टकम संस्कृत श्लोक) नमो भूतनाथं नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजम् । नमः कामभस्मं नमश्शान्तशीलं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकण्ठम् ॥ १ ॥ सदा तीर्थसिद्धं सदा भक्तरक्षं सदा शैवपूज्यं सदा शुभ्रभस्मम् ।…
गाया वाला कानजी भजन Lyrics Hindi & English क्या आप गाया वाला कानजी रे भजन लिरिक्स (Gaya Wala Kanji Re Bhajan Lyrics in Hindi) ढूंढ रहे हैं? यह लोकप्रिय राधा-कृष्ण भजन भक्तों द्वारा बड़े प्रेम से गाया जाता है। इस भजन में राधा रानी की भक्ति, गाया (गाय) और कृष्ण के प्रति गहरा स्नेह व्यक्त किया गया है। यहाँ हम आपको इसके हिंदी लिरिक्स, इंग्लिश लिरिक्स और भावार्थ (meaning) बताएंगे। गाया वाला कानजी लिरिक्स (Gaya Wala Kanji Re Bhajan Lyrics in Hindi) राधे तू बड़भागिनी, कोण तपस्या किन, तीन लोक तारण तिरण, सो है तेरे आधीन । गाया वाला कानजी…
चंद्रशेखर अष्टकम अर्थ सहित चंद्रशेखर अष्टकम एक शक्तिशाली पूजा स्तोत्र है जिसमें भगवान शिव को समर्पित 8 छंद हैं। अष्टकम् संस्कृत में आठ छंदों की एक काव्य रचना को कहा जाता है। ’‘चंदशेखर’ का अर्थ है जो चंद्रमा के साथ अपने मुकुट को सुशोभित करता है। चंद्रशेखरष्टकम मार्कंडेय द्वारा लिखा गया था, जो भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए भक्ति और श्रद्धा के साथ इसका जाप करें। इस पोस्ट में चंद्रशेखर अष्टकम लिरिक्स अर्थ सहित दिए गए हैं । चंद्रशेखर अष्टकम स्तोत्र लिरिक्स (Chandrashekhar Ashtakam Lyrics) चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहिमाम् | चन्द्रशेखर…