Author: Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, born to Late Shri G. L. Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Worked with Mars Group and Aditya Birla Group, became a part of Yoga Niketan, Mumbai in 2002, and since then practicing Yoga.

पूर्णमासी व्रत कथा, व्रत के लाभ तथा व्रत की विधि द्वापर युग में एक समय की बात है कि यशोदा जी ने कृष्ण से कहा – हे कृष्ण! तुम सारे संसार के उत्पन्नकर्ता, पोषक तथा उसके संहारकर्ता हो, आज कोई ऐसा व्रत मुझसे कहो, जिसके करने से मृत्युलोक में स्त्रियों को विधवा होने का भय न रहे तथा यह व्रत सभी मनुष्यों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला हो। श्रीकृष्ण कहने लगे – हे माता! तुमने अति सुन्दर प्रश्न किया है। मैं तुमसे ऐसे ही व्रत को सविस्तार कहता हूँ । सौभाग्य की प्राप्ति के लिए स्त्रियों को बत्तीस पूर्णमासियों का…

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Prithvi Gayatri Mantra (पृथ्वी गायत्री मंत्र)  In Hinduism, Prithvi Mata (Mother Earth) symbolizes patience, tolerance, and steadfastness. As one of the five elements (Pancha Tattva), Earth represents stability and the foundation of all life. The Prithvi Gayatri Mantra and Prithvi Poojan Mantra are powerful invocations to honor Mother Earth and seek her blessings for strength, peace, and prosperity. हिन्दू धर्म में धरती माता को धैर्य, सहिष्णुता और दृढ़ता का प्रतीक माना गया है। पंच तत्वों में से एक, पृथ्वी तत्व हमारे जीवन का आधार है। Prithvi Gayatri Mantra (पृथ्वी गायत्री मंत्र) ॐ पृथ्वीदेव्यै विद्महे सहस्रमूर्तयै धीमहि तन्नो पृथ्वी: प्रचोदयात् ||…

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कामदेव मंत्र, इसके लाभ, कामदेव शाबर मंत्र, कामदेव गायत्री मंत्र हिन्दू धर्म में कामदेव को प्रेम का देवता, कामुक सुखों का देवता, साहचर्य का देवता माना जाता है। कामदेव ब्रह्मा जी के पुत्रों में से एक है, रति के पति है, जिनको वासना की देवी माना जाता है। श्री कामदेव गायत्री मंत्र को श्री मनमाथा गायत्री मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार प्रेम और कामुकता का कारक शुक्र ग्रह है और प्रेम के देवता कामदेव हैं। मनचाहा प्रेम पाने के लिए या मनचाहा जीवन साथी पाने के लिए शुक्र एवं कामदेव को प्रसन्न करना चाहिए।…

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आदित्य हृदय स्तोत्र संस्कृत में हिंदी अनुवाद सहित  समस्त चराचर जगत के जीवन के आधार भगवान सूर्य की उपासना का एक उत्तम साधन है, आदित्य हृदय स्तोत्र । इस स्तोत्र का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में हुआ है जहाँ अगस्त्य मुनि ने इसके विषय में भगवान श्रीराम को बताया था। आदित्य हृदय स्तोत्र सूर्य देव से संबंधित है। इस स्तोत्र का पाठ सूर्य देव को प्रसन्न व उनकी कृपा पाने के लिए किया जाता है। आदित्य हृदय स्तोत्र का उल्लेख रामायण में वाल्मीकि जी द्वारा किया गया है जिसके अनुसार इस स्तोत्र को ऋषि अगस्त्य ने भगवान श्री राम को रावण…

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जय महावीर प्रभु की आरती के लिरिक्स (Om Jai Mahavir Prabhu Aarti  Lyrics in Hindi and English) Om Jai Mahavir Prabhu Aarti Lyrics in Hindi ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो । जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो ॥ ॐ जय महावीर प्रभु ॥ कुण्डलपुर में जन्में, त्रिशला के जाये । पिता सिद्धार्थ राजा, सुर नर हर्षाए ॥ ॐ जय महावीर प्रभु ॥ दीनानाथ दयानिधि, हैं मंगलकारी । जगहित संयम धारा, प्रभु परउपकारी ॥ ॐ जय महावीर प्रभु ॥ पापाचार मिटाया, सत्पथ दिखलाया । दयाधर्म का झण्डा, जग में लहराया ॥ ॐ जय महावीर प्रभु ॥ अर्जुनमाली गौतम, श्री…

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10 महाविद्याओं के नाम, उनके बीज मंत्र और उत्पत्ति ये तो सभी जानते हैं कि माँ दुर्गा के नौ रूप प्रचलित हैं जिनकी पूजा नवरात्रों में की जाती हैं। ठीक उसी प्रकार माता की दस महाविद्या भी प्रसिद्ध हैं जिनकी पूजा गुप्त नवरात्रों के समय की जाती हैं। यह 10 महाविद्या माता सती ने भगवान शिव के सामने अपना प्रभाव दिखाने के लिए प्रकट की थी, जिनका प्राकट्य अलग-अलग उद्देश्यों के लिए विभिन्न समयकाल में हुआ था। 10 महाविद्या नाम इन 10 महाविद्याओं के नाम है : काली महाविद्या महाविद्या तारा त्रिपुर सुंदरी महाविद्या महाविद्या भुवनेश्वरी महाविद्या भैरवी महाविद्या छिन्नमस्ता…

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गरुड़ गायत्री मंत्र के लिरिक्स एवं लाभ गरुड़ गायत्री मंत्र एक सिद्ध और शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र के पाठ से मनुष्य के सर्व पापों का नाश होता है।नकारात्मकता का नाश होता है। गरुड़ गायत्री मंत्र भगवान गरुड़ को समर्पित गायत्री मंत्र है। गरुड़ पक्षियों के राजा हैं और भगवान विष्णु के पूजनीय वाहन हैं। माना जाता है कि गरुड़ लोगों को उनकी मृत्यु के बाद विष्णु-लोक में ले जाते हैं। गरुड़ सांपों का शाश्वत शत्रु है और जहर और अन्य नकारात्मक प्रभावों से बचाता है। इस गरुड़ गायत्री मंत्र का प्रयोग साधक के आसपास के काले जादू, कर्ज और…

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“वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्” यह प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति में रचा गया है। इसे कृष्णाष्टकम कहा जाता है। इस श्लोक का पाठ करने से भक्तजन मानसिक शांति, पापों का नाश और भक्ति की गहराई का अनुभव करते हैं। विशेष रूप से जन्माष्टमी, पूजा और भजन संध्या में इसे पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है। यहाँ हम आपको वसुदेव सुतं देवं Lyrics संस्कृत में और उसके भावार्थ (Meaning in Hindi) प्रस्तुत कर रहे हैं। आप कृष्णाष्टकम् अर्थ सहित pdf में भी डाउनलोड कर सकते हैं। वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम् श्लोक Lyrics संस्कृत में श्लोक…

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सहजन के फायदे और नुकसान सहजन यानी ड्रम स्टिक लम्बी फली वाला एक सब्जी का पेड़ है। सहजन विटामिन ए, सी, बी 1 (थियामिन), बी 2 (राइबोफ्लेविन), बी 3 (नियासिन), बी 6 और फोलेट से भरपूर होती हैं। लम्बी फली वाली यह सब्जी मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस और जिंक में भी समृद्ध हैं। । इस पेड़ का हर एक अंग स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए सहजन के उपयोग से नुकसान भी हो सकते हैं।  ड्रम स्टिक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल सांभर में किया जाता है। इस लेख मे हम सहजन के फायदे, नुकसान व…

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करवा चौथ व्रत कथा PDF (Karwa Chauth Vrat Katha Aarti Hindi) आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी के लिए करवा चौथ व्रत कथा आरती सहित प्रस्तुत करने जा रहे हैं । करवा चौथ व्रत कथा (Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi) एक ब्राह्मण के सात पुत्र थे और वीरावती नाम की इकलौती पुत्री थी। सात भाइयों की अकेली बहन होने के कारण वीरावती सभी भाइयों की लाडली थी और उसे सभी भाई जान से बढ़कर प्रेम करते थे. कुछ समय बाद वीरावती का विवाह किसी ब्राह्मण युवक से हो गया। विवाह के बाद वीरावती मायके आई और…

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