हमारे मनीषियों ने योग की कल्पना केवल आसन-प्राणायाम के रूप में नहीं की है। कोई रोज सबेरे उठकर आसन करें, प्राणायाम करे, कसरत करे और सोचे कि वह आध्यात्मिक जीवन बिताता है, यह उसकी गलतफहमी है। आसन-प्राणायाम तो योग के बहुत छोटे अंग हैं। अन्त में योग का उद्देश्य और प्रयोजन होता क्या है? योग का व्यावहारिक उद्देश्य मनीषी कहते हैं कि योग का उद्देश्य आत्म-साक्षात्कार है, समाधि है, मुक्ति है, निवृत्ति है, लेकिन किसी भी विद्या को समयानुकूल होना चाहिये। आखिर महात्मा बुद्ध ने भी अनेक विधियों, अनुष्ठानों और साधनाओं का प्रयोग किया था। बौद्ध मत में आज जो…
Author: Mahendra Kumar Vyas
What is Ashtanga Yoga In Sanskrit Ashtanga means Eight Limbs. Ashtanga is made from a combination of two words – “Ashta + Anga”, wherein “Ashta” means Eight and “Anga” is limbs so it means Eight Limb path. There are two popular styles of Ashtanga Yoga – the first one being “Patanjali’s Ashtanga Yoga” which refers to the classical eight-fold path of yoga outlined by the sage Patanjali in the Yoga Sutras; the second one being Ashtanga Yoga (Modern Yoga Style), popularized by Shri K. Pattabhi Jois which involves a dynamic sequence of postures practiced in a specific order, synchronized with…
अनिद्रा का योग के द्वारा उपचार योग की अनेक शाखाएँ मानव जीवन के दैनिक उपयोग के काम में आती हैं। योग के प्रणेता ऋषि-मुनियों ने मनुष्य के जीवन के हर पहलू का अध्ययन किया था। मनुष्य के शरीर-यंत्र की हर सम्भावित विकास की दिशा में उन्होंने अनुसंधान किया। और उनकी मेहनत और साधना का परिणाम योग मार्ग के रूप में हमारे सामने है। योग सबसे पहले हमारे शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याओं का हल करता है। तत्पश्चात् वह मानसिक व्याधियों और विकारों का समाधान ढूँढता और उनका शमन करता है। इन दो समस्याओं का हल करके योग मनुष्य के शरीर और…
योग को जीवन पद्धति के रूप में अपना लेने से बहुत सी समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाता है। जो योगाभ्यास करता है उसका मन तथा शरीर स्वस्थ हो जाता है। एक समझदारी आती है कि – यह कारण है, यह परिणाम है और यह उपचार की व्यवस्था है। जब इन तीनों का ज्ञान एक साथ होता है, तब व्यक्ति स्वस्थ रहता है। यही योग का पहला प्रयास है। उपचार के लिए कठिन प्रक्रिया से गुजरना आवश्यक नहीं है, बल्कि योगाभ्यास द्वारा बहुत सरल तरीके से अपने व्यक्तित्व और मन को संवारते हुए हम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।…
Diwali For A Yoga Seeker Diwali is known as the “festival of lights”. People light oil lamps and decorate their homes with strings of twinkling lights to symbolize the victory of light over darkness. With Glittering lanes and cleaned-up houses, India lights up all its shops and houses to welcome the most-awaited festival of the year, Diwali. Ignite The Lamp of Knowledge With excitement all around, with streets shimmering with lights and people wearing new clothes and smiles on their faces, they look forward to the grand celebrations on the occasion of five days of Diwali, an annual festival that…
मीरा बाई का इतिहास और जीवन परिचय इन हिंदी मीरा एक सन्त, दार्शनिक एवं मनीषी थी। अगर इतिहास के पन्नो में हम भक्ति योग की खोज करें तो मीरा बाई के चरित्र से बढ़िया शायद ही कोई उदहारण मिले। उसे अखिल ब्रह्माण्ड में कृष्ण के दर्शन होते थे। उसके लिए वृक्ष पत्थर, लता, फूल, पक्षी- ये सभी कृष्णमय थे। वह बहुमुखी प्रतिभा की स्वामिनी तथा उदारचरित्र महिला थी। ऐसे किसी व्यक्ति की खोज अत्यन्त दुष्कर है जो उसके समकक्ष हो। उसके व्यक्तित्व में एक विलक्षण आकर्षण था। वह एक राजकुमारी थी और राजकुमारी होते हुए भी उसने अपने उच्च पद…
ॐ मंत्र जाप – ॐ मंत्र का अर्थ – ॐ का सही उच्चारण कैसे करें – ॐ मंत्र मैडिटेशन ॐ ब्रह्म का प्रतीक है। ॐ ब्रह्म का नाम है और ब्रह्म सर्वोपरि है। ॐ मंत्र के जाप से वह प्रसन्न होता है। ॐ से ही इस सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माण हुआ है। ॐ एक पवित्र शब्द है। यह वेदों का सार है। ‘ॐ’ की ध्वनि सच्चिदानंद ब्रह्म को दर्शाती है। यह ध्वनि भक्त को आध्यात्मिक शक्ति, जोश और ऊर्जा से भर देती है। ॐ मंत्र मैडिटेशन को मंत्र ध्यान भी कहा जाता है। ॐ मंत्र का अर्थ ओम मंत्र तीन…
श्री सूक्त का पाठ – माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए ऋग्वेद में माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्तम् का पाठ करने पर मनचाही कामना पूरी होने की बात कही गयी है| श्री सूक्तम् – माता लक्ष्मी जी की आराधना के लिए उनको समर्पित संस्कृत में लिखा मंत्र है जिसे हम श्री सूक्त पाठ भी कहते है या लक्ष्मी सूक्त भी कहते है| जो जातक जीवन में हर तरह से सुख भोगना चाहते है, जीवन से गरीबी दूर करना चाहते है, एश्वर्य प्राप्त करना चाहते है उन्हें लक्ष्मी जी का यह श्री सूक्तम मंत्र…
भगवान से प्रार्थना कैसे करें, प्रार्थना क्या है? और क्या हैं प्रार्थना के लाभ अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रार्थना भगवान तक पहुंचे तो आपको प्रार्थना करने के सही तरीके के बारे में पता होना चाहिए। आज हम इस पोस्ट में जानेंगे कि भगवान से प्रार्थना कैसे करें, प्रार्थना क्या है, और क्या हैं प्रार्थना के लाभ? प्रार्थना क्या है? परेशानी के समय सहायता के लिए ईश्वर पर निर्भर होना प्रार्थना है। आत्मा जब अशान्त हो जाती है, तब ईश्वर से शान्ति के लिए आग्रह करना प्रार्थना है। ईश्वर से आत्म-साक्षात्कार की माँग करना प्रार्थना है। प्रभु से सामर्थ्य,…
भक्ति का अर्थ मेरा यह आलेख ‘भक्ति का मार्ग’ स्वामी सत्यानंद सरस्वती और स्वामी शिवानंद सरस्वती की शिक्षाओं पर आधारित है। इन महान योगियों की शिक्षाओं से मैंने ऐसा समझा है कि भगवान के लिए सच्चा प्रेम ही भक्ति है। साथ ही यह भी मै विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि हर व्यक्ति भक्ति कर सकता है। भक्ति का मतलब होता है भगवान से प्रेम करना, उनसे रिश्ता जोड़ना। आप कितना भी योग करें, शास्त्र पढ़ें, हवन करें, तपस्या करें, जो कुछ भी करें, इससे ईश्वर की अनुभूति नहीं हो सकती। ईश्वर प्राप्ति का आधार मात्र प्रेम और भक्ति…