श्री नटराज स्तुति – Natraj Stuti Mp3 Download & Hindi Lyrics

नटराज शिव के जगत गुरू स्वरूप का परिचायक है| नटराज शिव को नृत्य कलाओं में श्रेठ गिना जाता है और वे कलाओं एवं ज्ञान प्रदान करने वाले परम गुरु हैं.

नटराज स्तुति उन्ही जगत गुरु, परम ब्रह्म शिव को समर्पित है |

Natraj Stuti mp3 Download

Natraj Stuti Lyrics

सत सृष्टि तांडव रचयिता

नटराज राज नमो नमः|

हे नटराज आप ही अपने तांडव द्वारा सृष्टि की रचना करने वाले हैं| हे नटराज राज आपको नमन है|

हे आद्य गुरु शंकर पिता

नटराज राज नमो नमः|

हे शंकर आप ही परं पिता एवं आदि गुरु हैं. हे नटराज राज आपको नमन है| 

गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्मांडना

नित होत नाद प्रचंडना

नटराज राज नमो नमः|

हे शिव, ये संपूर्ण विश्व आपके मृदंग के ध्वनि द्वारा ही संचालित होता है| इस संसार में व्याप्त प्रत्येक ध्वनि के श्रोत आप हे हैं| हे नटराज राज आपको नमन है |

सिर ज्ञान गंगा चन्द्रमा चिद ब्रह्म ज्योति ललाट मां

विष नाग माला कंठ मां

नटराज राज नमो नमः|

हे नटराज आप ज्ञान रूपी चंद्र एवं गंगा को धारण करने वाले हैं, आपका ललाट दिव्य ज्योति का स्रोत है| हे नटराज राज आप विषधारी नाग को गले में धारण करते हैं| आपको नमन है| 

तवशक्ति वामे स्थिता हे चन्द्रिका अपराजिता |

चहु वेद गाएं संहिता

नटराज राज नमो नमः|

हे शिव, माता शक्ति आपकी अर्धांगिनी हैं, हे चंद्रमौलेश्वर आप अजय हैं. चार वेद आपकी ही सहिंता का गान करते हैं. हे नटराज आपको नमन है |

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