Aarti -Chalisa

Aarti Kunjbihari Ji Ki – आरती कुंज बिहारी जी की

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श्री कुंज बिहारी जी की आरती – Aarti Kunjbihari Ji Ki Mp3 Download

Aarti Kunj Bihari Ki lyrics

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||

गले में बैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला |

श्रवन में कुण्डल झलकाला, नन्द के आनन्द नन्दलाला |

गगन सम अंग कानित काली, राधिका चमक रही आली |

लतन में ठाढ़े बनमाली, भ्रमर सी अलक |

कस्तूरी तिलक, चन्द्र सी झलक, ललित छबि श्यामा प्यारी की ||

श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||

कनकमय मोर मुकट बिलसे, देवता दरसन को तरसे |

गगनसों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग मधुर मिरदंग |

ग्वालनी संग, अतुल रति गोप कुमारी की ||

श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||

 

 जहाँ ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्री गंगा |

स्मरन ते होंत मोह भंगा, बसी शिव सीस जटाके बीच |

हरै अघ कीच, चरन छबि श्रीबनवारी की ||

श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||

 

चमकती उज्जवल तट रेनू, बज रही वृन्दावन बेनू |

चहुँ दिसि गोपी ग्वाल धेनू, हँसत मृदु मन्द चाँदनी चन्द |

कटत भव फन्द, टेर सुनु दीन भिखारी की ||

श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की

आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की ||

About the author

Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, with parental home at Jodhpur and born to Late Shri Goverdhan Lal Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Shifted to Mumbai after completing engineering and worked with Sanjay Narang's Mars Group and Aditya Birla Group. With an inclination to spirituality and service, joined the Yoga stream and became a part of Yoga Niketan, Goregaon (west) in 2002 and since then practicing and imparting Yoga knowledge at Yoga Niketan and different corporates.

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