बनोगे राधा तो यह जानोगे एक लोकप्रिय कृष्ण भजन है जिसे भक्त बड़े प्रेम और श्रद्धा से गाते हैं। इस भजन में राधा-कृष्ण के मधुर प्रेम और समर्पण की झलक मिलती है। यहाँ पर हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं Banoge Radha To Ye Janoge Ki Kaisa Pyar Hai Mera Lyrics in Hindi & English साथ ही सुनने के लिए YouTube वीडियो का लिंक भी दिया गया है। बनोगे राधा तो यह जानोगे लिरिक्स हिंदी में (Banoge Radha To Ye Janoge Lyrics in Hindi) ओ साँवरे ओ साँवरे, ओ साँवरे ओ साँवरे, बनोगे राधा तो यह जानोगे, कि कैसा…
Author: Mahendra Kumar Vyas
आज हम आपके लिए मातारानी का राजस्थानी भजन लेकर आये है | यह भजन माता भवानी और उनके चौसठ योगिनी स्वरूपों की स्तुति करता है। भजन के लिरिक्स हिंदी और अंग्रेजी में नीचे दिए गये है आप वहां से भजन को पढ़ सकते है | चौसठ जोगणी रे भवानी देवलिये रमजाये भजन लिरिक्स हिंदी देवलिये रमजाये भवानी, मंदरिये रमजाये। चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाये। हंस सवारी कर मारी माता, ब्रह्मा रूप बणायो। ब्रह्मा रो रूप बणायो मारी मैया। ब्रह्मा रूप बणायो। चार वेद मुख चार बिराजे। चारो रो जस गायो। चौसठ जोगणी रे, भवानी देवलिये रमजाये। घूमर गालणी रे,…
जगत के रंग क्या देखूं भजन लिरिक्स (Jagat Ke Rang Kya Dekhu Tera Deedar Kafi Hai Lyric In Hindi) जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है, क्यों भटकूँ गैरों के दर पे, तेरा दरबार काफी है । नहीं चाहिए ये दुनियां के, निराले रंग ढंग मुझको, निराले रंग ढंग मुझको, चली जाऊँ मैं वृंदावन, चली जाऊँ मैं वृंदावन, तेरा दरबार काफी है, जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है । जगत के साज बाजों से, हुए हैं कान अब बहरे, हुए हैं कान अब बहरे, कहाँ जाके सुनू बंशी, कहाँ जाके सुनू बंशी, मधुर वो तान…
Parvati Vallabha Ashtakam (पार्वती वल्लभ अष्टकम) एक दिव्य स्तोत्र है जिसे आदिशंकराचार्य जी ने रचा था। यह स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें नीलकंठ और पार्वती वल्लभ कहा जाता है। इस अष्टकम का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इस पोस्ट में आप जानिये Parvati Vallabha Ashtakam Benefits हिंदी में। Parvati Vallabha Ashtakam Lyrics in Hindi (पार्वती वल्लभ अष्टकम संस्कृत श्लोक) नमो भूतनाथं नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजम् । नमः कामभस्मं नमश्शान्तशीलं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकण्ठम् ॥ १ ॥ सदा तीर्थसिद्धं सदा भक्तरक्षं सदा शैवपूज्यं सदा शुभ्रभस्मम् ।…
गाया वाला कानजी भजन Lyrics Hindi & English क्या आप गाया वाला कानजी रे भजन लिरिक्स (Gaya Wala Kanji Re Bhajan Lyrics in Hindi) ढूंढ रहे हैं? यह लोकप्रिय राधा-कृष्ण भजन भक्तों द्वारा बड़े प्रेम से गाया जाता है। इस भजन में राधा रानी की भक्ति, गाया (गाय) और कृष्ण के प्रति गहरा स्नेह व्यक्त किया गया है। यहाँ हम आपको इसके हिंदी लिरिक्स, इंग्लिश लिरिक्स और भावार्थ (meaning) बताएंगे। गाया वाला कानजी लिरिक्स (Gaya Wala Kanji Re Bhajan Lyrics in Hindi) राधे तू बड़भागिनी, कोण तपस्या किन, तीन लोक तारण तिरण, सो है तेरे आधीन । गाया वाला कानजी…
चंद्रशेखर अष्टकम अर्थ सहित चंद्रशेखर अष्टकम एक शक्तिशाली पूजा स्तोत्र है जिसमें भगवान शिव को समर्पित 8 छंद हैं। अष्टकम् संस्कृत में आठ छंदों की एक काव्य रचना को कहा जाता है। ’‘चंदशेखर’ का अर्थ है जो चंद्रमा के साथ अपने मुकुट को सुशोभित करता है। चंद्रशेखरष्टकम मार्कंडेय द्वारा लिखा गया था, जो भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए भक्ति और श्रद्धा के साथ इसका जाप करें। इस पोस्ट में चंद्रशेखर अष्टकम लिरिक्स अर्थ सहित दिए गए हैं । चंद्रशेखर अष्टकम स्तोत्र लिरिक्स (Chandrashekhar Ashtakam Lyrics) चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहिमाम् | चन्द्रशेखर…
महाभारत का यक्ष-युधिष्ठिर संवाद | Yaksha Prashna Mahabharat बनवास के दौरान पाण्डव द्रौपदी सहित वन में पर्णकुटि बनाकर रहने लगे। वे कुछ दिनों तक काम्यकवन में रहने के पश्चात द्वैतवन में चले गये। वहाँ एक बार जब पाँचों भाई वन भ्रमण कर रहे थे तो वे एक सरोवर के पास गए। यहाँ युधिष्ठिर सरोवर के रक्षक एक अदृश्य यक्ष की दार्शनिक जिज्ञासाओं को अपने उत्तरों द्वारा शांत करते हैं। कथा के अनुसार अन्य भाई बिना उत्तर दिए ही सरोवर का जल पीना चाहते थे, जिस कारण यक्ष ने उन्हें अचेत कर दिया था। युधिष्ठिर ने यक्ष के प्रश्नों का उत्तर…
नींबू और नमक के टोटके – रोग और बीमारी दूर करने का उपाय जब शरीर की बीमारी डॉक्टर भी न समझ पाएं, तब वैदिक परंपरा और घरेलू टोटके बेहद लाभकारी साबित होते हैं। नींबू और नमक का टोटका प्राचीन काल से रोग निवारण और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। ये टोटके शरीर में नई ऊर्जा, मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ देने वाले माने जाते हैं। 👉 ध्यान रखें: किसी भी रोग की स्थिति में चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें। टोटके केवल सहायक रूप में अपनाएँ। रोग निवारण के लिए नींबू और नमक के टोटके…
What is Kumbhaka Pranayama – Its Steps & Benefits The term Kumbhaka comes from the Sanskrit word Kumbha, meaning “pot” or “vessel”; whereas Pranayama in Sanskrit is made from – “prana”, which refers to life force energy; and “ayama”, which means “control.” Kumbhaka pranayama is a breathing exercise in which the breath is retained or held after either inhalation or exhalation. Kumbhaka Types Kumbhaka is of three types Bahir(Bahya) Kumbhaka Bahir Kumbhaka is the retention of breath at the end of expiration. Antar Kumbhaka Antar Kumbhaka is the retention of the breath after the inspiration of air. Kevala Kumbhaka Kevala…
कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र का अर्थ, पूजा विधि और लाभ वाल्मीकि रामायण के सुंदर कांड में है हनुमान जी का एक मंत्र जिसे कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र के नाम से जाना जाता है। कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र एक शक्तिशाली हनुमान मंत्र है जिसका जाप सफलता प्राप्त करने और जीवन में बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। माना जाता है कि मंत्र साधक की इच्छाओं को पूरा करने और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखता है। कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र को हनुमान मूल मंत्र के रूप में भी जाना जाता है, और यह कई शक्तिशाली…