Author: Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, born to Late Shri G. L. Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Worked with Mars Group and Aditya Birla Group, became a part of Yoga Niketan, Mumbai in 2002, and since then practicing Yoga.

Root Chakra Meaning & Root Chakra Affirmations As we know that “Chakras” are spinning vortexes of pranic energy, located at specific areas in the body, and which control the circulation of Prana permeating the entire body. Here we have for you Root Chakra Meaning and also Root Chakra Affirmations, that help balance and align the root chakra. Root Chakra Meaning The root chakra, also known as the first chakra or Muladhara in Sanskrit, is an essential aspect of the human body’s subtle energy system according to certain spiritual and yogic traditions. It is the foundation upon which the other six…

Read More

सत्यनारायण भगवान की व्रत कथा सत्यनारायण भगवान की व्रत कथा भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखती है और यह व्रत विशेष भक्ति भावना के साथ किया जाता है। यह व्रत पूर्णिमा तिथि को, या मासिक पूर्णिमा के दिन या अपनी इच्छानुसार किसी भी दिन किया जा सकता है। इस व्रत के प्रमुख उद्देश्य में से एक है सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर आत्मशुद्धि, धर्मपालन, समृद्धि, शांति, एवं परिवार की खुशियों के लिए ब्रह्माज्ञान प्राप्त करना। सत्यनारायण व्रत कथा कुलमणि ब्राह्मण कथा के रूप में भी जानी जाती है, जिसे धर्मिक ग्रंथों में प्रमुखतः पद्म पुराण में प्रस्तुत किया गया है।…

Read More

सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र श्री भृगुसंहिता ‘श्री भृगु ऋषि‘ द्वारा रचित सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र उनके द्वारा अपनी पुस्तक ‘भृगु सहिता’ में लिखा गया है। श्री भृगु ऋषि के द्वारा रचित यह स्तोत्र सभी निवारण स्तोत्रों में सर्वोत्तम है। भृगुसंहिता सर्वारिष्ट निवारण स्तोत्र के सिर्फ़ एक बार अनुष्ठान करने से, अर्थात ४० पाठ करने से, मनुष्य अपनी जन्मकुंडली में स्थित कोई भी ग्रह दोष या भूत प्रेत आदि दोषों का निवारण कर पाता है, शत्रुओ पर विजय प्राप्त करता है और  साथ ही सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करता है। भृगु ऋषि कौन थे ऋषि भृगु ने ही भृगु संहिता की रचना…

Read More

आपके लिए प्रस्तुत है काली माता की आरती लिखी हुई (Maa Kali Aarti Lyrics In Hindi)| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काली माता को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा तरीका उनकी प्रतिमा की पूजा और आरती करना है। रोजाना काली माता की आरती करने से बुराई का नाश होता है और स्वस्थ, समृद्ध और शांतिपूर्ण जीवन प्राप्त होता है। Maa Kali Aarti Lyrics – काली माता की आरती लिखी हुई अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ।। तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है…

Read More

आपके लिए प्रस्तुत है – aisa damru bajaya lyrics (ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने लिरिक्स) in Hindi & English में। यह भजन भोलेनाथ की दिव्य महिमा का वर्णन करता है। जब भोलेनाथ डमरू बजाते हैं, तो समस्त देवता, नदियाँ और पर्वत आनंद में डूब जाते हैं। इस भजन को गाने से मन में भक्ति, शांति और ऊर्जा का संचार होता है। शिवरात्रि और सावन जैसे पावन अवसरों पर यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है। ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने लिरिक्स (Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Hindi Lyrics) ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने, सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,…

Read More

आपके लिए इस पोस्ट में हम लाएं है हनुमान भजन – छम छम नाचे देखो वीर हनुमना  लिरिक्स एमपी 3 डाउनलोड (Cham Cham Nache Dekho Veer Hanumana Lyrics With Mp3 Song Free Download) Cham Cham Nache Dekho Veer Hanumana Mp3 Download छम छम नाचे देखो वीर हनुमना भजन Mp3 छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना लिरिक्स (cham cham nache dekho veer hanumana lyrics) छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना, छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना, कहते हैं लोग इसे राम का दीवाना, छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना । राम राम सियाराम, राम राम सियाराम । पाँव मे घूंघरु…

Read More

धनुरासन अभ्यासी के शरीर को धनुष की आकृति में लाता है। इस आसन को इंग्लिश में “Bow Pose” कहते हैं। आज हम आपके लिए धनुरासन के फायदे लेकर आए हैं। धनुरासन पूरे शरीर को स्थिर, मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है। यह बढ़ती उम्र के साथ होने वाले शरीर के दर्दों को कम करने, पेट की चर्बी को कम करने और पीठ दर्द में भी सहायक होता है। धनुरासन करने की विधि सबसे पहले आप अपने पेट के बल लेट जाए। अपने पैरों को घुटनों से मोड़े और अपने हाथ से टखनों को पकड़े। सांस लेते हुए आप अपने…

Read More

गोमुखासन की विधि और गोमुखासन के फायदे (लाभ) गोमुखासन को काऊ फेस पोज़ भी कहा जाता है। आइये आज हम जाने गोमुखासन के फायदे (लाभ), गोमुखासन कैसे करें और क्या सावधानियां हमें बरतनी हैं। गोमुखासन (काउ फेस पोज) हमारे पूरे शरीर, कंधों, बाहों, टखनों, हिप्‍स, थाइज और पीठ को फैलाता है। । इस आसान में मुड़े हुए पैरों की आकृति गाय के मुख के सामान होती है, इसीलिए इसे गोमुखासन कहा जाता है । निम्नलिखित हैं गोमुखासन को करने का तरीका, इसके फायदे और सावधानियां – गोमुखासन कैसे करें एक साफ़ सुथरे स्थान पर योग मेट बिछा कर आरामदायक अवस्था…

Read More

“अधरम मधुरं” भगवान श्रीकृष्ण के गुणों की महिमा को बयां करने वाले एक भक्तिपूर्ण भजन है। यहाँ आपके लिए प्रस्तुत है अधरम मधुरम लिरिक्स (adharam madhuram lyrics) हिंदी में और english में। अधरम मधुरम वदनम मधुरम भजन हिंदू धर्म के अनुयायियों में बहुत पसंद किया जाता है और इसे भक्तों के बीच आम तौर पर भजन समारोहों और साधु-संतों के सत्संग में सुना जाता है। अधरम मधुरम वदनम मधुरम lyrics अधरम मधुरम वदनम मधुरम, नयनं मधुरं हसितं मधुरं, हृदयं मधुरं गमनं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरं । वचनं मधुरं चरितं मधुरं, वसनं मधुरं वलितं मधुरं, चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरं ।…

Read More

Sitaram Sitaram Sitaram Kahiye Lyrics The words “Sitaram Sitaram Sitaram Kahiye Jahi Vidhi Rakhe Ram Tahi Vidhi Rahiye” are part of a popular Hindu Bhajan, In this post, we present for you Sitaram Sitaram Kahiye Lyrics. In the lyrics – Sitaram Sitaram Kahiye Jahi Vidhi Rakhe Ram Tahi Vidhi Rahiye – “Sitaram” is a compound name referring to Lord Rama, a significant deity in Hinduism. “Sita” is the name of Lord Rama’s divine consort, and “Ram” is an abbreviated form of Lord Rama’s name. Chanting “Sitaram Sitaram Sitaram Kahiye Bhajan” is a way for devotees to show their devotion and…

Read More