Mantra - Shloka

Sankat Nashak Ganesh Stotra – संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ

संकटनाशन गणेश स्तोत्र – Sankat Nashak Ganesh Stotra

संकटनाशन गणेश स्तोत्र का उल्लेख नारद पुराण में है। इस स्तोत्र का पाठ 11 बार नियमित रूप से करने से अमीर बनने की चाहत रखने वाले व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है। यह जीवन में सभी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। इसके जाप से धन के अलावा ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।

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Sankat Nashak Ganesh Stotra Lyrics

प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम। भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये।। 1।।

प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम। तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम।।2।।

 लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् ।।3।।

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम। एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम।।4।।

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:। न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो।।5।।

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्। पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।6।।

जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत्। संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।।7।।

अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत। तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।।8।।

॥ इति श्रीनारदपुराणे संकष्टनाशनं गणेशस्तोत्रं सम्पूर्णम्‌ ॥

About the author

Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, with parental home at Jodhpur and born to Late Shri Goverdhan Lal Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Shifted to Mumbai after completing engineering and worked with Sanjay Narang's Mars Group and Aditya Birla Group. With an inclination to spirituality and service, joined the Yoga stream and became a part of Yoga Niketan, Goregaon (west) in 2002 and since then practicing and imparting Yoga knowledge at Yoga Niketan and different corporates.

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