Yoga Poses

पाद संचालन आसन – मोटापे के इलाज में कारगर आसन

Cycling-Yoga-Pose

पाद संचालन आसन करने की विधि व फायदे

पाद संचालन आसन को पवनमुक्तासन भाग २ आसनो के समूह में रखा गया है | इस समूह के आसन शरीर मेंं शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र (Digestive System ), प्रजनन तंंत्र (Reproductive System), कब्ज ( Constipation), पित्त (Acidity) , वायु (Gas) और मधुमेह (Diabetes) जैसे रोगों में लाभकारी होते हैं तथा पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं, और इसीलिए इस समूह के आसनो को पाचन समूह या उदर समूह के आसन कहते हैं । ये आसन उदर क्षेत्र के सभी आन्तरिक अंगों की भी मसाज करते है इस क्षेत्र के ऊर्जा अवरोधों को दूर करते हैं।

पाद संचालन आसन करने की विधि

  • सबसे पहले अपनी मैट पर पीठ के बल लेट जायें।
  • दोनों पैर एक साथ एक सीध में रखें।
  • अपनी दोनों भुजाएं बगल में और हथेलियां ज़मीन पर रखें।
  • यही प्रारंभिक स्थिति हैं।
  • दायें पैर के घुटने को मोड़ लें और अपनी छाती के पास लाएं ।

Padasanchalanasana

  • साथ ही साथ अपने बायें पैर ज़मीन से ६० डिग्री तक घुटना को सीधा रखते हुवे हवा में उठायें।

Cycling-Yoga-Pose

  • अब साईकिल के पेडल की तरह दोनों पैरों को घुमाएं।
  • दस बार सीधी दिशा में घुमाएं एवं दस बार विपरीत दिशा में घुमाएं ।
  • घुटने सीधे करते वक़्त श्वास लें एवं मोड़ने पर श्वास छोड़ें।
  • अभ्यास पूर्ण होने पर प्रारम्भिक स्थिति में में आ जाएँ और विश्राम करें।

पाद संचालन आसन करने के फायदे

  • पाद संचालन आसन उदर क्षेत्र की चर्बी को कम करता हैं।
  • इस आसन का निरंतर अभ्यास पाचन शक्ति को मज़बूत बनाता है।
  • इसके अभ्यास से प्रजनन तंंत्र से सम्बंधित सभी अंग स्वस्थ होते हैं एवं कब्ज, पित्त, मधुमेह, वायु इत्यादि रोगों में लाभ मिलता है।
  • ये आसन उदर क्षेत्र के सभी आन्तरिक अंगों की भी मसाज करते है इस क्षेत्र के ऊर्जा अवरोधों को दूर करते हैं।
  • पाद संचालन आसन नितम्ब और घुटने के जोड़ों के लिए लाभप्रद है।
  • इसके अभ्यास से उदर एवं पीठ के निचले भागों की पेशियों को सुदृढ़ किया जा सकता है।

अभ्यास करते वक़्त ध्यान रखने वाली बातें

पूरे अभ्यास के समय सर सहित शरीर के शेष भाग को ज़मीन पर सीधा रखें।अभ्यास के वक़्त अगर उदर की मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होने लगे तो गहरी श्वास लेवे , फिर धीरे से उदर को बहार की और फैलाएं और तब श्वास छोड़ते हुवे सम्पूर्ण शरीर को शिथिल कर लेवें।

पाद संचालन आसन करते वक़्त क्या सावधानियाँ बरतें

पाद संचालन आसान ऐसे व्यक्ति ना करे जिनकी –

  • उदर से सम्बंधित कोई भी शल्य चिकित्सा की गयी हो ।
  • उच्च रक्तचाप हो ।
  • ह्रदय सम्बंधित कोई भी रोग हो ।
  • साइटिका, स्लिप -डिस्क, या कमर सम्बंधित कोई भी रोग हो ।
  • माइग्रेन से पीड़ित हो ।

पाद संचालन आसन को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए क्लिक करें –

Pada Sanchalanasana (Cycling yoga pose) – For Weight Loss and Reducing Belly Fat

About the author

Mahendra Kumar Vyas

Mahendra Vyas, with parental home at Jodhpur and born to Late Shri Goverdhan Lal Vyas and Shrimati Sharda Vyas, did Civil Engineering from M.B.M.Engineering College, Jodhpur. Shifted to Mumbai after completing engineering and worked with Sanjay Narang's Mars Group and Aditya Birla Group. With an inclination to spirituality and service, joined the Yoga stream and became a part of Yoga Niketan, Goregaon (west) in 2002 and since then practicing and imparting Yoga knowledge at Yoga Niketan and different corporates.

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