पितृ दोष के लक्षण और निवारण के सरल उपाय जिनकी भी कुंडली में पितृदोष होता है उन्हें कई कष्ट होते है और उनको कई तरह के मानसिक तनाव झेलने पड़ते हैं। इसलिए यह नितांत ही आवश्यक हो जाता है कि पितृदोष के लक्षण को पहचाना जाए और निवारण के उपाय कर इस दोष को शांत किया जाए। आइए जानते हैं कि पितृ दोष क्या है, और क्या है उसके कारण, लक्षण और पितृ दोष निवारण के सरल उपाय। क्या होता है पितृ दोष जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार विधि-विधान से नहीं किया जाता या फिर…
Author: Mahendra Kumar Vyas
Chatushloki Bhagwat (चतुः श्लोकी भागवत) चतु:श्लोकी भगवत् (Chatushloki Bhagwat) के चार श्लोक भगवत गीता की संपूर्ण शिक्षाओं का सारांश प्रस्तुत करते हैं। मन की शुद्धि के लिए यह सवश्रेष्ठ साधन है। इसके पाठ से कलयुग के सभी दोष नष्ट हो जाते हैं और हरि हृदय में अपना निवास बना लेते हैं। चतु:श्लोकी भगवत् में श्री वल्लभ ने वैष्णवों को धर्म (कर्तव्य), अर्थ (भौतिक आवश्यकताएं), काम (वह चीजें जिन्हें वह प्राप्त करना चाहता है) और मोक्ष (मोक्ष) जैसे चार पुरुषार्थों का अर्थ समझाया है। चतु:श्लोकी भागवत (Chatushloki Bhagwat) को श्रीमद्भागवत का हृदय कहा जाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रह्माजी को…
द्वितीय मां ब्रह्मचारिणी मंत्र, माता की कथा, और आरती नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। देवी ब्रह्मचारिणी प्रेम, निष्ठा, बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक हैं। देवी ब्रह्मचारिणी अपने दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल रखती हैं। मां ब्रह्मचारिणी ने ही भगवान शिव को पति रूप प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माँ ब्रह्मचारिणी रुद्राक्ष पहनती हैं। यहाँ हम आपके लिए मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, आरती और कथा लेकर आएं हैं। ब्रह्मचारिणी माता की कथा कहानी के अनुसार, माता ब्रह्मचारिणी ने हिमालय के घर पुत्री…
वैदिक यज्ञ प्रार्थना (हवन प्रार्थना) – पूजनीय प्रभो हमारे यज्ञ संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है- “आहुति, चढ़ावा” और यज्ञ से तात्पर्य है – ‘त्याग, बलिदान, शुभ कर्म’। इस पद्धति में हम अपने प्रिय खाद्य पदार्थों एवं मूल्यवान सुगंधित पौष्टिक द्रव्यों को अग्नि एवं वायु के माध्यम से समस्त संसार के कल्याण के लिए यज्ञ द्वारा वितरित करते हैं। इससे वायु का शोधन होता है और इस पृथ्वी पर सबको आरोग्यवर्धक साँस लेने का अवसर मिलता है। हवन हुए पदार्थ वायुभूत होकर प्राणिमात्र को प्राप्त होते हैं और उनके स्वास्थ्यवर्धन, रोग निवारण में सहायक होते हैं। यज्ञ काल…
The Ganpati Aarti – Shendur Laal Chadhayo Lyrics In Hindi The Ganpati Aarti “Shendur Laal Chadhayo” is a devotional hymn dedicated to Lord Ganesha, the elephant-headed deity who is revered as the remover of obstacles and the symbol of wisdom, prosperity, and good fortune. This Aarti is often sung during the worship of Lord Ganesha, especially during festivals like Ganesh Chaturthi. The Aarti begins with the line “शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखका,” which describes Lord Ganesha adorned with vermillion on his forehead. The Aarti further highlights Ganesha’s attributes and qualities. The lines emphasize his wisdom, large ears that listen to…
प्रथम मां शैलपुत्री – मंत्र, आरती, कथा और महत्व (नवरात्रि प्रथम दिन देवी) नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इनमें से मां शैलपुत्री को नवरात्रि के पहले दिन पूजित किया जाता है। देवी शैलपुत्री को मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है, जो सर्वभौम शक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रतीक हैं। “शैल” का अर्थ है पर्वत और “पुत्री” का अर्थ है बेटी, इसलिए इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण शैलपुत्री कहा गया। मां शैलपुत्री का स्वरूप व वाहन वाहन: वृषभ (बैल) – इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहते हैं।…
शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के 9 प्रमुख उपाय हम आपको इस पोस्ट में शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय की संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। इन में से कुछ ऐसे सरल उपाय हैं जिसमें आप महादेव की भक्ति के द्वारा आप पुत्र रत्न की प्राप्ति कर सकते हैं या मनचाही संतान का वरदान प्राप्त कर सकते हैं। कई बार किसी कुंडली-दोष, पितृ-दोष या वस्तु-दोष के कारण व्यक्ति को पुत्र की प्राप्ति नहीं हो पाती है। इस स्थिति में अभी से हीं महादेव की आराधना शुरू कर दीजिये। पुत्रदा एकादशी पर पुत्र प्राप्ति उपाय शिव पुराण…
सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखना क्या आप भी इस दुविधा में हैं कि मरे हुए व्यक्ति को जिंदा देखना आपके लिए शुभ है या अशुभ संकेत है? वैसे ये स्वप्न अक्सर लोग बार-बार देखते हैं, और उसके परिणामस्वरूप कुछ लोग घबरा भी जाते हैं और उसके अर्थ को समझने में असमर्थ हो जाते हैं। उन्हें हमेशा यह डर रहता है कि कहीं यह सपना उनके जीवन में कुछ अपशगुन तो नहीं लेकर आएगा। कितने बार हम सब ने ऐसा सपना जरूर देखा होगा जिसमे हमारे ही कोई मृत रिश्तेदार, दोस्त या कोई बहुत ही ख़ास हमारे सपने में…
नौका संचालन आसन के लाभ, विधि और सावधानियां नौका संचालन आसन या ‘नाव चलाने की मुद्रा आसान’ एक बैठकर करने वाला आसन है जो शरीर के प्रत्येक भाग पर प्रभाव डालता है। इस आसन का अभ्यास साधक को और अधिक चुनौतीपूर्ण और उन्नत (advanced ) योग आसनों के लिए तैयार करता है। नौका संचलानासन नाम संस्कृत के तीन शब्दों – “नौका”, “सञ्चालन” और “आसन ” से लिया गया है, जिसमे नौका का अर्थ है “नाव”, तथा “संचालन” का अर्थ है “परिचालन”, और “आसन” का अर्थ है “मुद्रा”। आसन का अभ्यास करते समय, नाव में बैठे नाविक और उसे खेने वाले…
योग के फायदे और नुकसान सदियों से योग का अभ्यास आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक अनुशासन के रूप में किया जाता रहा है। आज के युग में अक्सर लोग योग के लाभ केवल भौतिक स्तर पर ही देखते हैं। सच ये है कि हममें से अधिकांश लोगों को यह पता भी नहीं होता है कि योग तो शरीर, मन और भावनाओं में एक सामंजस्य स्थापित करता है, उनमे संतुलन लाता है। योग से पूर्ण स्वस्थ्य लाभ मिलता है। पूर्ण स्वस्थ्य का तात्पर्य हुआ – शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, और आध्यात्मिक। लेकिन योग करने के दौरान अगर आप अनुशासन का पालन नहीं करते…