प्रथम मां शैलपुत्री – मंत्र, आरती, कथा और महत्व (नवरात्रि प्रथम दिन देवी) नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इनमें से मां शैलपुत्री को नवरात्रि के पहले दिन पूजित किया जाता है। देवी शैलपुत्री को मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है, जो सर्वभौम शक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रतीक हैं। “शैल” का अर्थ है पर्वत और “पुत्री” का अर्थ है बेटी, इसलिए इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण शैलपुत्री कहा गया। मां शैलपुत्री का स्वरूप व वाहन वाहन: वृषभ (बैल) – इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहते हैं।…
Author: Mahendra Kumar Vyas
शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के 9 प्रमुख उपाय हम आपको इस पोस्ट में शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय की संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। इन में से कुछ ऐसे सरल उपाय हैं जिसमें आप महादेव की भक्ति के द्वारा आप पुत्र रत्न की प्राप्ति कर सकते हैं या मनचाही संतान का वरदान प्राप्त कर सकते हैं। कई बार किसी कुंडली-दोष, पितृ-दोष या वस्तु-दोष के कारण व्यक्ति को पुत्र की प्राप्ति नहीं हो पाती है। इस स्थिति में अभी से हीं महादेव की आराधना शुरू कर दीजिये। पुत्रदा एकादशी पर पुत्र प्राप्ति उपाय शिव पुराण…
सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखना क्या आप भी इस दुविधा में हैं कि मरे हुए व्यक्ति को जिंदा देखना आपके लिए शुभ है या अशुभ संकेत है? वैसे ये स्वप्न अक्सर लोग बार-बार देखते हैं, और उसके परिणामस्वरूप कुछ लोग घबरा भी जाते हैं और उसके अर्थ को समझने में असमर्थ हो जाते हैं। उन्हें हमेशा यह डर रहता है कि कहीं यह सपना उनके जीवन में कुछ अपशगुन तो नहीं लेकर आएगा। कितने बार हम सब ने ऐसा सपना जरूर देखा होगा जिसमे हमारे ही कोई मृत रिश्तेदार, दोस्त या कोई बहुत ही ख़ास हमारे सपने में…
नौका संचालन आसन के लाभ, विधि और सावधानियां नौका संचालन आसन या ‘नाव चलाने की मुद्रा आसान’ एक बैठकर करने वाला आसन है जो शरीर के प्रत्येक भाग पर प्रभाव डालता है। इस आसन का अभ्यास साधक को और अधिक चुनौतीपूर्ण और उन्नत (advanced ) योग आसनों के लिए तैयार करता है। नौका संचलानासन नाम संस्कृत के तीन शब्दों – “नौका”, “सञ्चालन” और “आसन ” से लिया गया है, जिसमे नौका का अर्थ है “नाव”, तथा “संचालन” का अर्थ है “परिचालन”, और “आसन” का अर्थ है “मुद्रा”। आसन का अभ्यास करते समय, नाव में बैठे नाविक और उसे खेने वाले…
योग के फायदे और नुकसान सदियों से योग का अभ्यास आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक अनुशासन के रूप में किया जाता रहा है। आज के युग में अक्सर लोग योग के लाभ केवल भौतिक स्तर पर ही देखते हैं। सच ये है कि हममें से अधिकांश लोगों को यह पता भी नहीं होता है कि योग तो शरीर, मन और भावनाओं में एक सामंजस्य स्थापित करता है, उनमे संतुलन लाता है। योग से पूर्ण स्वस्थ्य लाभ मिलता है। पूर्ण स्वस्थ्य का तात्पर्य हुआ – शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, और आध्यात्मिक। लेकिन योग करने के दौरान अगर आप अनुशासन का पालन नहीं करते…
दीपावली कब है 2023, दीपावली का शुभ मुहूर्त और दीपावली क्यों मनाया जाता है दीपावली ( Deepawali ) या दिवाली एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जिसे बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह हर साल हिंदू महीने कार्तिक (अक्टूबर – नवंबर) में बारिश के मौसम के बाद आता है। इस दिन भगवान राम, देवी सीता और भगवान लक्ष्मण 14 साल जंगल में बिताने के बाद अयोध्या लौटे थे। इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि देवी लक्ष्मी का जन्म इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। इसलिए, सभी हिन्दू घरों में देवी लक्ष्मी की पूजा दीपावली के दिन…
शारदीय नवरात्रि 2023 अश्विन माह में आने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। शारदीय नवरात्रि हिंदू पंचांग के अनुसार शरद ऋतु में आश्विन मास में आयोजित किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण उत्सव है। शास्त्रों में बताया गया है कि शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। वहीं इसका समापन दशमी तिथि को विजयदशमी पर्व के साथ हो जाता है।…
श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्र lyrics और स्तोत्र का हिंदी में अर्थ विन्ध्येश्वरी स्तोत्र माँ विन्ध्यवासिनी की स्तुति और प्रार्थना का अद्भुत संग्रह है। यह स्तोत्र माँ शक्ति के अद्वितीय रूप का वर्णन करता है, जिन्होंने शुम्भ-निशुम्भ जैसे असुरों का वध कर देवताओं और भक्तों की रक्षा की। इस स्तोत्र का पाठ करने से दरिद्रता, दुख और संकट दूर होते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है। आपके लिए यहाँ प्रस्तुत है विन्ध्येश्वरी स्तोत्र lyrics (Vindhyeshwari Stotram Lyrics) और विन्ध्येश्वरी स्तोत्र का हिंदी में अर्थ। विन्ध्येश्वरी स्तोत्र Lyrics (Vindhyeshwari Stotram in Hindi) निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे…
जो भी मनुष्य सच्चे मन से ईश्वर का स्मरण करता है और साधना करता है, ईश्वर उनकी मन की बात हमेशा सुनते हैं, और उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसे में उस मनुष्य को मनोकामना पूर्ण होने से पहले पूजा सफल होने के कुछ संकेत मिलने लगते हैं। पूजा की सफलता के संकेत व्यक्ति की आस्था, भावनाओं और निष्ठा पर निर्भर करते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि जब हमारी पूजा सफल होने वाली होती है, तब हमें ईश्वर किस प्रकार देते हैं पूजा सफल होने के संकेत। कुछ आम संकेत निम्नलिखित हो सकते हैं…
दशहरा 2023 कब है, क्यों मनाया जाता है, कैसे मनाया जाता है और दशहरा पूजन विधि दशहरा एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दशहरा के पर्व का विशेष महत्व है। यह केवल भारत देश के कोने-कोने में ही नहीं, अपितु उतने ही उल्लास से दूसरे देशों में भी मनाया जाता जहाँ प्रवासी भारतीय रहते हैं। इस वर्ष 2023 में दशहरा कब है, जानिये दशहरा पूजन विधि, दशहरा क्यों मनाया जाता है, कैसे मनाया जाता है और इसका नीलकंठ पक्षी से सम्बन्ध। दशहरा क्यों मनाया जाता है, …